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वेंडरों का कारोबार पांच से दस फीसदी पर सिमटा

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रेलवे स्टेशन पर खाद्य सामग्रियों के स्टाल पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : MAU
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मऊ। कोरोना संकट के चलते कुछ रूटों पर सीमित विशेष ट्रेनें चलने से स्टेशन के वेंडरों का धंधा पांच से दस फीसदी पर सिमट गया है। कोरोना के चलते अधिकतर यात्री घर से ही खाने का सामान लेकर चल रहे हैं जिससे प्लेटफार्म के स्टारों पर बिक्री काफी कम हो रही है। वेंडरों का कहना है कि पैसेंजर ट्रेनें चलें तो स्थिति सुधरेगी।
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गत वर्ष 25 मार्च से लॉकडाउन के बाद कई महीनों तक ट्रेनों का संचालन बंद रहा। अब गिनती की कुछ विशेष ट्रेनें ही चल रही हैं। पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं हो रहा है। कोरोना के चलेत यात्री खाने पीने का खुला सामान नहीं खरीद रहे हैं। इसके चलते स्टेशनों पर समोसे, घाटी और चाय की बिक्री तो काफी कम हो गई है। वेंडरों का कहना है कि उनका व्यवसाय पांच से दस प्रतिशत तक सिमट गया है। जबतक पैसेंजर ट्रेनों का संचालन नहीं होगा तबतक सुधार की संभावना नहीं है। वेंडर मोलू गुप्ता ने बताया कि कोरोना के चलते व्यवसाय को चौपट हो गया है। महज पांच प्रतिशत बिक्री हो रही है जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है। श्याम मनोहर शुक्ल ने कहा कि ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहने से व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। आशीष पांडेय ने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू हो तो धंधे में सुधार होगा। वेंडर अंतिम सिंह राजपूत ने कहा कि आरक्षित टिकट पर सफर करने वाले यात्री घरों से ही पानी और खाने का सामान ला रहे हैं। यात्री स्टेशन पर छाछ, मट्ठा तथा पानी तक यात्री नहीं खरीद रहे हैं।
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