अधिकारियों ने परिजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा, आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को पूरा करने का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार की लाडली थी प्रीति
हादसे में मृत प्रीति अपने दो भाई हरेंद्र योगेंद्र से छोटी थी। मेधावी छात्रा होने के साथ वह काफी व्यवहार कुशल थी। घटना के बाद से उसके पिता अमरनाथ राम, माता धानवति और दोनों भाइयों का रो रोकर बुरा हाल था। वहीं अचानक इस हादसे में प्रीति के चले जाने की सूचना से उसके पड़ोसियों के साथ पूरे गांव में मातम पसरा रहा।