मऊ। अगले माह पड़ रहे दीपावली, छठ पर्व पर महानगरों से वापस आने अपने गृहनगर आने वाले लोगों के लिए ट्रेनों की लंबी वेटिंग मुसीबत बढ़ा रही है। मऊ जंक्शन से गुजरने वाली वर्तमान में सात ट्रेनों में पांच ट्रेनों में 100 से ज्यादा वेटिंग है। उधर कोरोना संक्रमण के चलते कम ट्रेनों के चलते लोग वेटिंग टिकट कन्फर्म न होने की संभावना से टिकट कराने में परहेज भी बरत रहे है।
बताते चले कोरोना संक्रमण के चलते मार्च से ट्रेनों का संचालन बंद है। जिसे बाद में रेलवे द्वारा अलग अलग चरणों में शुरू किया जा रहा है। दो चरण में रेलवे द्वारा मऊ जंक्शन से गुजरने वाली सात ट्रेनों का संचालन शुरू कर चुका है। इसमें ताप्ती गंगा, साबरमति, सरयु यमुना, कृषक, चौरीचौरा, लिच्छवी, गोदान एक्सप्रेस है।इस माह में दशहरा तथा अगले माह में दीपावली तथा छठ के त्योहार को देेखते हुए महानगरों से लोगों इन त्योहारों को अपनों के साथ मनाने के लिए वापस आने का टिकट करा है। लेकिन कृषक, चौरीचौरा को छोड़कर पांचों ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। सबसे ज्यादा वेटिंग मुंबई को जाने वाली गोदान एक्सप्रेस में है। इसके बाद साबरमती, सरयु यमुना, ताप्तीगंगा तथा लिच्छवी एक्सप्रेस में वेटिंग यात्रियों की लिए मुसीबतें बढ़ा रही है। ट्रेनों में वेटिंग भी इतनी लंबी हो गई है कि लोग टिकट लेने से कतरा रहे हैं। अधिकतर यात्रियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण में बदले नियम में टिकट कन्फर्म न होने पर यात्रा करना संभव नहीं है। वहीं कम ट्रेनों के संचालन को देखते हुए वेटिंग टिकट के कन्फर्म न होने की संभावना के चलते यात्रा करने से डर भी लग रहा है।
निर्धारित समय के बजाए 30 मिनट देर से खुला आरक्षण केंद्र
मऊ। स्थानीय रेलवे प्रशासन की सक्रियता सहज इससे ही लगाया जा सकता है। आठ बजे खुलने वाला आरक्षण केंद्र 30 मिनट विलंब से खुला। जबकि सुबह आठ बजे से पहले कई यात्री दूर दराज क्षेत्रों से टिकट कराने के लिए मऊ स्टेशन पहुंच चुके थे। लेट खिड़की खुलने से कई यात्री बिना टिकट कराए ही वापस लौट गए। उधर बाद में टिकट खिड़की खुलने पर जब यात्रियों ने लेट से खिड़की खोले जाने के बारे में जानकारी ली तो रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस बाबत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि खिड़की के निर्धारित समय से खोले जाने का निर्देश है, विलंब से खुलने की शिकायत नहीं मिली है। इस बारे में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।