नगर के आजमगढ़ मोड़ पर यातायात निरीक्षक द्वारा बस सीज किए जाने के बाद जुटी लोगों की भीड़। स्रोत-
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मऊ। मऊ जिले के यातायात प्रभारी श्याम शंकर पांडेय द्वारा शनिवार की सुबह यात्रियों से भरी बस सीज करने पर एसपी सर्वेश कुमार मिश्र ने उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। उन्हें यातायात प्रभारी के पद से हटाकर उनका स्थानांतरण पुलिस लाइन में कर दिया गया है। बस मालिक और सवार लोगों ने आरोप लगाया कि बस में वृद्ध और बच्चे सवार थे। उनकी यात्रा का बिना वैकल्पिक प्रबंध किए बस सीज कर दिया गया है, जिससे उन्हें परेशानी हुई। एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि शहर के भीटी से संचालित आदित्य ग्रुप द्वारा अवैध तरीके से बसों का संचालन किया जाता रहा है। इस बात की पुष्टि होने पर यातायात प्रभारी ने शनिवार की सुबह लखनऊ जा रही बस को सीज कर दिया। इस दौरान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री बस सीज किए जाने और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किए जाने का विरोध करते दिख रहे हैं।
नियम के तहत सीज करने के बाद यात्रियों को दूसरी बस से गंतव्य के लिए रवाना करना होता है, जो यातायात प्रभारी की जिम्मेदारी बनती है। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इस लापरवाही पर उन्हें लाइन हाजिर करते हुए जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है। सीओ सिटी नितेश प्रताप सिंह ने बताया कि आदित्य ग्रुप द्वारा संचालित बस भीटी से लखनऊ जाती है। इस बस का ओवरस्पीड, बिना परमिट संचालन, बिना फिटनेस आदि पर करीब 70 चालान कटे हैं, लेकिन एक भी भरा नहीं गया है। वहीं यातायात प्रभारी रहे श्याम शंकर पांडेय ने बताया कि बस सीज करने के बाद यात्रियों को भेजने के लिए रोडवेज बस बुलाई गई थी। लेकिन उससे पहले ही सभी आक्रोशित हो गए थे। बाद में सभी को दूसरी बस से रवाना किया गया था।