जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में बाल संप्रेक्षण गृह के परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। सिविल जज सीनियर डिवीजन व प्राधिकरण के सचिव प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य विधिक जानकारी देना है, जिससे कि कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित न रह जाय। उन्होंने बच्चों से अच्छे आचरण को धारण करने का आह्वान किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास अपने मामले की पैरवी करने के लिए अधिवक्ता नहीं है, तो प्रार्थना पत्र देने पर उसे सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता मुहेैया कराया जाएगा। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश जेएम प्रवींद्र कुमार ने सभी को अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों का बोध होना चाहिए। कहा कि अभी सभी लोग भ्रष्ट नहीं है। अच्छे लोग भी है जिनके चलते दुनिया चल रही है।
दूसरों पर इल्जाम लगाने से पहले अपने में सुधार लाना जरूरी है।
इस मौके पर संरक्षण अधिकारी शिवानंद सिंह, प्रोवेशन अधिकारी एसके सोनी, अधिवक्ता हुमा रिजवी, आरपी उपाध्याय, अध्यापक जावेद अख्तर, अजय सिंह ने अपना विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार मिश्र ने किया।
इस दौरान सचिव प्रमोद कुमार सिंह व जेएम प्रवींद्र कुमार ने संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण भी किया। जिसमें संप्रेक्षण गृह में कुल 53 किशोर मिले।
इस दौरान 15 किशोर ऐसे मिले जिनकी जमानत उच्च न्यायालय में लंबित होना बताया ।
सचिव ने बच्चों से कहा कि अगर किसी के मामले में पैरवी उच्च न्यायालय में नहीं पा रही है। अधिवक्ता रखने के लिए पैसा नहीं है तो वह आवेदन दे सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध करा दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक से सर्वोच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग के निर्देशों का पालन करने की हिदायत दिया।