आने वाले दिनों में बाढ़ को खतरे को देखते हुए प्रशासन चुस्त हो गया है। सोमवार को अवराडांड़ रामनगर चिऊटीडांड़ रिंग बंधे का जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जायजा लिया। कटान रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के धीमी गति से किए जाने पर जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
अवराडांड़ रामनगर चिऊटीडांड़ रिंग बंधे पर हो रही कटान जारी रहने से घाघरा के तटवर्ती इलाकों के लोगों की धड़कन तेज हो गई है। कटान जारी रहने से नगर की ऐतिहासिक धरोहरों मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला और मुक्तिधाम पर संकट के बादल मंडराने लगता है।
तटवर्ती इलाकों धनौली रामपुर, नई बाजार, नौली, चिऊंटीडांड़, लामी, तारनपुर, कादीपुर, हरधौली, बहादुरपुर, बुढावर, पतनई, सरयां, ठिकरहिया, नगरीपार, रसूलपुर, सूरजपुर सहित दर्जनों गांवों पर खतरा रहता है। ग्रामीणों द्वारा अवैध बालू खनन की शिकायत पर डीएम ने अवराडांड़ रामनगर चिऊटीडांड़ रिंग बंधे का जायजा लिया।
डीएम ने बालू खनन के मामले में बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता की जमकर क्लास ली। कटान रोकने के हर संभव उपाय करने का निर्देश दिया। एडीएम समीर वर्मा, एसडीएम साहब लाल, अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव आदि शामिल थे।