मऊ। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के भार गांव निवासी दिलीप पांडेय (22) की हत्या के पीछे आशनाई और रुपयों का लेन देन कारण रहा है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए हत्या आरोपी तीन सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों हत्यारोपी उसी गांव के निवासी हैं। दिलीप की हत्या तीनों भाइयों ने मिलकर की थी।
दिलीप भार गांव निवासी रामाश्रय पांडेय का पुत्र था। वह हरियाणा के गुड़गांव में मारुचि कंपनी में काम करता था। वह 15 दिन पहले घर आया था। गत 28 अक्तूबर की रात नौ बजे उसकी मोबाइल पर गांव के ही उसके दोस्त का फोन आया। दिलीप घर से निकलने लगा तो उसकी मां कमलेश पांडेय ने टोका था। मां के पूछने पर दिलीप ने कहा कि पास की दुकान पर जा रहा हूं, अभी आ रहा हूं। वह रात भर नहीं आया। गांव के ही तीन संदिग्धों की निशानदेही पर पुलिस ने 30 अक्तूबर को दिलीप का शव कुएं से बरामद किया था।
पुलिस की छानबीन में खुलासा हुआ कि दिलीप गांव की एक युवती से फोन पर बात करता था। उसे युवती के परिवार वालों ने मनाया किया लेकिन वह मान नहीं रहा था। दिलीप ने भार गांव निवासी योगेश शर्मा से मोबाइल खरीदा था। वह रुपये देने में देरी कर रहा था। पुलिस के अनुसार 28 अक्तूबर की रात नौ बजे दिलीप की मोबाइल पर योगेश का फोन आया तो वह उसके बुलाने के स्थान पर चला गया। वहां योगेश व मुकेश ने कुल्हाड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने योगेश शर्मा, मुकेश शर्मा और विपिन शर्मा को गिरफ्तार चालान कर दिया। इस संबंध में सीओ सिटी धनंजय मिश्र का कहना है कि आशनाई और रुपयों के लेन देन को लेकर दिलीप की हत्या तीनों भाइयों ने मिलकर कर दिया। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।