मऊ। शादी अनुदान योजना के आवेदकों की सालाना आय का दायरा बढ़ा कर एक लाख रुपया कर दिया गया है। पहले यह शहरी क्षेत्र में 56,460 प्रतिवर्ष तो ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपया प्रति वर्ष निर्धारित थी। जिला पिछड़ा कल्याण विभाग ने बृहस्पतिवार को प्रेस के माध्यम से यह जानकारी दी।
जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से चलाई जाने वाली शादी अनुदान योजना के तहत आवेदक की आय का दायरा बढ़ाया गया है। राज्यपाल द्वारा संशोधन आदेश जारी किया गया है, इसके तहत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित शादी अनुदान योजना के लिए आवेदक की आय शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में एक लाख रुपया प्रतिवर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ने यह भी बताया कि पिछड़ा वर्ग के तहत आने वाले पात्र व्यक्ति जिनकी आय एक लाख रुपया प्रति वर्ष है, तो वह व्यक्ति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से संचालित शादी अनुदान योजना का लाभ ले सकता है।