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Mau News: अप्रैल तक तक ग्रामीण रूटों बस चलाने का था दावा, अब तक नहीं हो पाया अनुबंध

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मऊ। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों को शहर से जोड़ने के लिए परिवहन निगम ने नई पहल शुरू की थी। इसके तहत जनपद के पांच ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की अनुबंधित बसों को चलाने का फैसला लिया गया। निगम के अधिकारियों ने अप्रैल माह के आखिरी सप्ताह तक बसों को चलाने का दावा किया था। फरवरी से मार्च तक बसों के अनुबंधन के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। परिवहन निगम का शर्त ये था कि इन बसों को मऊ में ही 30 से 45 किलोमीटर तक चलाना है। लेकिन किसी ने इन रूटों के लिए बसें अनुबंध नहीं कराई। बस मालिक इसके पीछे मुनाफा नहीं होने का तर्क दे रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण रूटों पर पहले से ही निजी बसें चलती हैं। इन रूटों पर यात्रियों की संख्या भी अधिक नहीं होती है, आय नहीं होने से डीजल का खर्च भी नहीं निकल पाएगा। मऊ डिपो के बेड़े में पहले से ही 10 अनुबंधित बसें हैं, जिनका चार लंबे रूटों पर संचालन होता है। तीन अनुबंधित बसें बलिया जाती हैं, दो बसें शाहगंज, दो बसें अयोध्या और दो अनुबंधित बसें रानीपुर-चिरैयाकोट से वाराणसी जाती हैं। वहीं पांच ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बड़ी बसें चलती हैं। एक बस सुबह मऊ से कोपागंज-भातकोल रूट पर मुहम्मदाबाद गोहना होते हुए आजमगढ़ के लिए चलती है। एक बस घोसी-नदवासराय मार्ग से भातकोल, मुहम्मदाबाद गोहना आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ चली जाती है। इसी तरह एक बस मझवारा से मऊ फिर गोरखपुर के लिए रवाना हो जाती है। एक बस रतनपुरा ब्लॉक के गहना से मऊ, फिर वहां से गोरखपुर जाती है।
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इनसेट-
इन रूटों पर चलानी हैं अनुबंधित बसें

1- मऊ-अमिला-बोझी-कटिहारी मार्ग - 45 किलोमीटर
2- मऊ-डुमरांव-कंधेरी-मुंगेसर-रणवीरपुर
-बहादुरगंज-युसूफपुर मोहम्मदाबाद - 55 किलोमीटर
3- मऊ-वनदेवी-चिरैयाकोट - 33 किलोमीटर
4- मऊ-मुहम्मदाबाद-नदवासराय-सिकटिया - 45 किलोमीटर
5- मऊूूूूूूूूू-खुरहट-रानीपुर-सुल्तानीपुर-चिरैयाकोट - 36 किलोमीटर
-
कोट-

परिवहन निगम ने जिन ग्रामीण रूटों पर अनुबंधित बसों को चलाने के लिए अधिसूचना जारी की थी। उन रूटों के लिए अभी तक किसी ने बसें अनुबंध नहीं कराई है। जबकि फरवरी से ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई थी।
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- हरिशंकर पांडेय
- एआरएम, मऊ
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