चिरैयाकोट। नगर पंचायत चिरैयाकोट में लाखों की लागत से बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विभागीय उपेक्षा का शिकार है। स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक के न होने से यहां प्रसव कराने के लिये मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में बना प्रसव रूम देखरेख के अभाव में बदहाल पड़ा है। इसके साथ ही विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद रिक्त चल रहा है।
नगर पंचायत चिरैयाकोट की 26 हजार से अधिक आबादी की इलाज की जिम्मेदारी इसी स्वास्थ्य केंद्र पर है। 18 वर्ष पूर्व यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया गया था। लेकिन विभाग की लापरवाही और उपेक्षा से यहां का प्रसव कक्ष पूरी तरह से बदहाल हो गया। यहां महिला चिकित्सक कक्ष में हमेशा ताला बंद रहता है। यहां आज तक भी महिला चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो सकी है। स्वास्थ्य विभाग के उदासीनता के चलते यह कक्ष में गंदगी का पर्याय हो गया है।
स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक के नाम पर एक मात्र डा. धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी ही तैनात हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों का पद लंबे समय से रिक्त चल रहा है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य केंद्र पर आज तक चौकीदार की भी नियुक्ति नहीं की गई है। आलम यह है कि शाम चार बजे के बाद यहां शराबियों का अड्डा हो जाता है। पीएचसी को जाने वाली सड़क भी काफी समय पहले ही जर्जर हो गई है। इस बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी धर्मेंद्र मणि त्रिपाठी का कहना है कि महिला चिकित्सक और चौकीदार की तैनाती के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।