मऊ। 15 वार्डो वाले नगर पंचायत में वर्ष के 365 दिन नगर के प्रमुख चौराहो-तिराहों तक छोटे-बड़े होर्डिंग नजर आते है। चौकाने वाली बात है कि इन होर्डिंगों को लेकर नगर पंचायत मधुबन द्वारा कोई बाइलाज नहीं बना है। बावजूद नगर में लगे अवैध होर्डिंग को लेकर न तो निकाय के जिम्मेदार सक्रिय नजर आते है न ही मधुबन तहसील प्रशासन। वर्तमान में नगर के शहीद स्मारक के ईद गिर्द कई होर्डिंग और बैनर पोस्टर की भरमार है।चौकाने वाली बात है कि होर्डिंग टांगने वालों ने नगर के चौराहों को ही नहीं बिजली व टेलीफोन खंभों को भी नहीं छोड़ा है।
मधुबन नगर पंचायत में कुल 15 वार्ड हैं। तहसील व ब्लाक मुख्यालय के अतिरिक्त बस स्टेशन, कोतवाली, समेत दर्जनों प्रशासनिक कार्यालय है। चर्चित तहसील होने के चलते राजनैतिक, सामाजिक एवं शैक्षिक गतिविधियों का केंद्र बिंदु होने के कारण नगर पंचायत में बैनर, पोस्टर व होर्डिंग्स लगाने की होड़ लगी होती है। चौकाने वाली बात है कि होर्डिंग लगाने को लेकर नगर पंचायत द्वारा अब तक कोई बाइलज नहीं बनाया गया हैँ। ऐसे में उनके द्वारा स्थान चिह्नित करने की कवायद तो दूर की बात है।
वर्तमान में नगर के दुबारी मोड़ तिराहा, कस्बा स्थित स्मारक स्थल, सड़क किनारे बने भवनों पर, बनियाबान तिराहों पर अवैध होर्डिंग की भरमार आसानी से देखी जा सकती है। इतना ही नहीं प्रतिबंधित जगहों पर कोई होर्डिंग नहीं लगने का नियम को भी यहां ताक पर रखकर मधुबन- दुबारी मार्ग, मधुबन-बेल्थरा रोड मार्ग किनारे लगे बिजली के खंभे भी होर्डिंग लगाने के स्थल बन गए है। गत दिवस शनिवार को बारिश तथा हवा बहने के चलते बिजली खंभों पर लगे कई होर्डिंग आड़े तिरछे हो चुके है, जो कि कभी भी गिरकर किसी के लिए खतरा बन सकता है। उधर होर्डिंग शुल्क का प्रावधान नहीं होने से राजस्व की हानि के अलावा कस्बा की खूबसूरती पर भी ग्रहण लग रहा है, साथ ही हादसों का सबब बन रहा है।
नगर पंचायत ईओ मुकेश चौधरी का कहना था कि नगर पंचायत में होर्डिंग लगाने को लेकर अभी तक कोई बायलॉज नहीं बनाया गया है लेकिन जल्द ही नगर पंचायत द्वारा होर्डिंग को लेकर अभियान चलाया जाएगा।