मऊ। दूसरे प्रांतों से लौटने वाले प्रवासियों के लिए जिले में लौटने वाले प्रवासियों के लिए प्रशासन ने जिले के चारों तहसील में 134 क्वारंटीन सेंटर बनाया है। वर्तमान में इनमें दस क्वारंटीन सेंटर सक्रिय है, जिसमें विभिन्न जगहों से जिले में लौटे 534 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। क्वारंटीन सेंटर पर प्रशासन ने क्वारंटीन किए गए लोगों को बेहतर भोजन तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराने का दावा किया जा रहा हैं।
सदर तहसील में 77 क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। जिसमें ताजोपुर स्थित फातिमा स्कूल में 96 तथा भीटी स्थित राम स्वरूप भारती इंटर कॉलेज में 14 तथा भीमराव आंबेडकर कॉलेज में 30 लोग क्वारंटीन है। वहीं मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के अमृत पब्लिक स्कूल में 27 मधुबन तहसील के सुभावती इंटर कॉलेज में 43, अक्षयवल मल्ल डिग्री कॉलेज में 46 तथा रानीपुर के पलिया भृगुनाथ पीजी कॉलेज में 39 लोग सहित जिले के दस क्वारंटीन सेंटर में 534 लोग क्वारंटीन सेंटर हैं। प्रशासन का दावा है कि क्वारंटीन सेंटर पर क्वारंटीन किए गए लोगों को बेहतर भोजन, शुद्ध पेयजल के साथ गर्मी को देखते हुए बिजली तथा पंखे की व्यवस्था की गई है। साथ ही क्वारंटीन किए गए लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा प्रतिदिन थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही हैं।
अधिकांश को किया जा रहा हैं होम क्वारंटीन
जिले में अब तक 35 से ज्यादा ट्रेनों से जिले के आठ हजार प्रवासी आ चुके हैं। इसके अलावा हजारों प्रवासी पैदल, रोडवेज बसों या अन्य साधनों से अपने गांव पहुंच चुके हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश को प्रशासन द्वारा थर्मल स्क्रीनिंग के बाद होम क्वारंटीन कर दिया जा रहा है। वहीं क्वारंटीन सेंटर फातिमा तथा इंदारा के संत जोसेफ इंटर कॉलेज में क्वारंटीन किए लोगों ने भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाया था। संत जोसेफ में क्वारंटीन किए गए 66 लोगों के विरोध के बाद उन्हें वहां से हटाकर जिला मुख्यालय स्थित क्वारंटीन सेंटर पर क्वारंटीन कर दिया गया हैं।
एडीएम केहरि सिंह ने बताया कि जिले के दस क्वारंटीन सेंटर में 534 लोग क्वारंटीन है। जिनका नियमित रूप से थर्मल स्क्रीनिंग के साथ उन्हें मानक के अनुरूप सुविधा मुहैया कराई जा रही हैं। वहीं खराब भोजन के संबंध में बोले कि कुछ क्वारंटीन सेंटर पर लेट से भोजन मिलने पर लोग नराज हो गए थे, लेकिन बाद में वो समस्या भी दूर हो गई।
केहरि सिंह, एडीएम