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Mau News: प्रसूता की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप

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मधुबन थाना क्षेत्र के समसपुर अहिरौली निवासी एक प्रसूता की सोमवार की देर शाम मौत हो गई। महिला का इलाज मधुबन के कटघराशंकर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य विभाग को शिकायत की।
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उधर, बीते सितंबर माह के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक भी बिना पंजीयन के संचालित अस्पताल पर कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि बीते अगस्त 2025 में एक माह में चार गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद मामला तूल पकड़ने के बाद डिप्टी सीएम के संज्ञान में आने के बाद दस दिन तक अभियान चलाकर 40 बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर कार्रवाई की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग को की गई शिकायत के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के समसपुर अहिरौली निवासी इंदू देवी ने बताया कि उसके देवर शिव राजभर की बेटी सुमन की शादी बारह वर्ष पहले हुई थी।
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गर्भवती होने पर 29 जनवरी को उसे कटघराशंकर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती किया। जहां आपरेशन के बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया। आरोप लगाया कि जन्म के बाद से उसकी भतीजी को लगातार ब्लीडिंग होने लगी, पहले तो अस्पताल प्रबंधन ने इलाज का दावा कर उसे रोक लिया।
31 जनवरी को उसे रेफर कर दिया। बताया कि वह जब बीएचयू पहुंचे तो खराब हालात देखकर उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। ऐसे में उन्होंने वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सोमवार की देर रात सुमन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है, जांच की जा रही है। बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों पर समय समय पर कार्रवाई की जाती है। दुबारा अभियान चलाकर इस तरह की कार्रवाई होगी।
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नर्सिग होम के नाम पर चल रहे कई अस्पताल

सीएमओ कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार जिले में अस्पतालाें की संख्या 36 है। वहीं नर्सिंग होम की संख्या 32 और मेडिकल क्लिनिक 70 है। लेकिन नर्सिग होम के नाम पर अस्पतालों की संख्या नगर में 50 से अधिक ताे मधुबन, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना में 150 से अधिक है। यह निजी अस्पताल सरकारी और निजी एंबुलेंस संचालकों के द्वारा कमीशन की सेटिंग कर अपने यहां मरीजों को ले आने का काम करते हैं। निजी अस्पतालों में मरीज पहुंचाने का एंबुलेंस संचालक 20 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं और मरीजों को ऐसे डॉक्टरों के पास भेजते हैं जिनकी सेटिंग उनके साथ होती है।
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अगस्त 2025 में एक महीने में चार मौतों के बाद 40 अस्पताल हुए थे सीज
बीते अगस्त 2025 में एक के बाद एक निजी अस्पतालों में चार महिलाओं की मौत हुई थी। इसमें एक मौत मधुबन कस्बा में संचालित एक निजी अस्पताल में हुई थी। मौत के मामले में सपा सांसद राजीव राय, कैबिनेट मंंत्री एके शर्मा के दखल देने के बाद यह मामला उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तक पहुंचा था। इस मामले के बाद विभाग ने पहली बार टीम गठित कर कई दिनों तक अभियान चलाकर 40 बिना पंजीयन के संचालित अस्पतालों को सीज किया था।
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