मधुबन (मऊ)। शीतलहर के चौथे दिन बुधवार को दोपहर बाद हल्की फुल्की धूप निकली लेकिन गलन बरकरार रही। सर्द हवाओं ने बुधवार को क्षेत्रवासियों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। पछुआ हवाओं के चलते सर्दी का एहसास बना रहा। सर्द मौसम में लोगों के चेहरे की ठंड से हवाई उड़ी रही जिससे वह काफी देर तक रजाई में दुबके रहे। सुबह आसमान में बादल छाए थे, कोहरा भी था। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर के रख दिया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रह रहा है।
जिनको घर से बाहर निकलना था, वे भी अलाव के समीप ही रहने को विवश थे। मौसम का बिगड़ा मिजाज देख हर किसी ने बाहर निकलने से परहेज किया। बेजुबानों की चहलकदमी भी न के बराबर रही। पशु पक्षियों में भी ठंड से ठिठुरते देखा गया। नगर पंचायत में इक्का-दुक्का जगहों को छोड़ दिया जाए तो अलाव का अभाव देखने को मिला। तहसील प्रशासन द्वारा रसूलपुर, दरगाह, दुबारी सहित कुछ एक गांव में अलाव जला लेकिन ज्यादेतर ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव न जलने से लोगों में आक्रोश दिखा। क्षेत्र के चंद्र प्रकाश मिश्र,चंद्रिका यादव, पंचदेव मौर्य, वीर बहादुर सिंह, भरत सिंह, राजेश मल्ल आदि ने कहा कि सर्द हवाओं के कारण गलन बहुत ज्यादा है ऐसे में सार्वजनिक जगहों पर प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए।
ठंड कर रही बीमार, खानपान पर दे विशेष ध्यान
डायबिटीज के मरीज हड्डी कपा देने वाली ठंड लोगों को बीमार भी कर रही है। दरगाह स्थित उस्मानिया हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ राशिद उस्मानी ने बताया कि तापमान में तेजी से गिरावट के कारण शरीर को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। कोहरा और ठंड दिल के रोगियों के लिए सबसे खतरनाक है। जब भी रजाई या गर्म बिस्तर से बाहर निकालना हो तो बाड़ी तापमान से संतुलन बनाकर निकले। जहां तक संभव हो मार्निंग वॉक से परहेज करें। यदि आवश्यक हो तभी घर से बाहर निकले।