जिलाधिकारी की ओर से राजपत्रित अवकाश में भी गेहूं क्रय केंद्रों को खोलने का फरमान बेअसर रहा। गुरुवार को कई क्रय बंद रहे तो कई केंद्रों पर बोरों का अभाव रहा। गेहूं खरीद शुरू होने के 14 दिन बाद 200 एमटी ही खरीद हो सकी है। हालांकि कटाई, मड़ाई कार्य चल रहा है। सभी किसान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। लेकिन जो किसान गेंहू बेंचना चाह रहे हैं उन्हें क्रय केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। परेशान किसान अपनी फसल को औने पौने दाम में बेचने को विवश हैं।
शासन की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद करने का आदेश जारी किया गया था, लेकिन अभी तक सभी क्रय केंद्र सक्रिय नहीं हो पाए हैं। जिलाधिकारी ने साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर सभी कार्य दिवसों में निर्धारित समय तक क्रय केंद्र खोले रखने का फरमान जारी किया है। इसके बावजूद गुरुवार को फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में गजियापुर, मधुबन सहित कई क्रय बंद रहे।
जबकि दोहरीघाट धनौली रामपुर स्थित क्रय केंद्र तथा दोहरीघाट कस्बे में विपणन विभाग की शाखा पर बोरा का अभाव रहा। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के पीसीएफ खुरहट सहित कई क्रय केंद्र खुले तो रहे, लेकिन सन्नाटा पसरा रहा। विभाग की ओर से जिले में 35 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। विभाग की ओर से बनाए गए क्रय केंद्रों पर नजर डाला जाए तो विपणन के नौ, पीसीएफ के 18, कर्मचारी कल्याण निगम के पांच, एग्रो के एक तथा भारतीय खाद्य निगम के दो शामिल हैं।
इस वर्ष खरीद लक्ष्य 35 हजार मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। गेहूं का समर्थन मूल्य 1525 रुपये रखा गया है। विभागीय आंकड़े के मुताबिक अभी तक 200 मीट्रिक टन खरीद हो पाई है।इस संबंध में फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के किसान जितेंद्र सिंह, गिरधर यादव, रामबदन सिंह का कहना है कि गेहूं खरीद शुरू होने के 14 दिन बाद भी क्रय केंद्र प्रभारी क्रय केंद्र खोलने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र तिवारी का कहना है कि क्रय केंद्रों पर खरीद की जा रही है। सभी क्रय केंद्रों पर बोरा भेज दिया गया है। संबंधित तहसीलों में उपजिलाधिकारी औचक निरीक्षण कर रहे हैं। क्रय केंद्र बंद मिलने पर क्रय केंद्र प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गेहूं क्रय पर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि केंद्रों पर पूर्ण रूप से गेहूं नहीं आ रहे हैं। इसके चलते गेहूं की खरीददारी कम हुई है। गेहूं खरीद के लिए चार नए क्रय केंद्र और खोले जाने हैं। क्रय क्रेंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ने पर नए केंद्रों को खोला जाएगा।