दोहरीघाट। सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 5 सेंटीमीटर बढ़ने के बाद स्थानीय लोगों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ दर्जनों गांवों और कृषि भूमि पर भी संकट गहरा सकता है।
गौरी शंकर घाट पर बृहस्पतिवार को सरयू नदी का जलस्तर 69.45 मीटर दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 69.40 मीटर था। फिलहाल नदी खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 45 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
नदी का बढ़ता जलस्तर नगर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों के लिए भी खतरे का संकेत बन गया है। मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, दुर्गा मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, डीह बाबा मंदिर, शाही मस्जिद और हनुमान मंदिर पर जलस्तर बढ़ने का असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं तटवर्ती गांव धनौली, रामपुर, नई बाजार, नौली, रामनगर, बीबीपुर, गोधनी, बेलौली, महुआबारी, रसूलपुर और सूरजपुर में भी पानी घुसने की आशंका से ग्रामीण सतर्क हो गए हैं। किसानों को धान सहित अन्य खरीफ फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सतत निगरानी और आवश्यक एहतियाती इंतजाम करने की मांग की है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।