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Mau News: उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा, अरघ के बेरवा पूजन केरे बेरवा हो

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नगर के तमसा नदी ​स्थित घाट पर अपने परिवार की व्रती महिलाओं को उगते सूर्य को अर्घ्य दिलाता युव
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जिले के 522 घाटों पर देखने को मिला आस्था का अद्भुत संगम, नदी, पोखरों पर छठ के गीतों से भक्तिमय हो गया पूरा वातावरण
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा, अरघ के बेरवा पूजन केरे बेरवा हो, बड़की पुकारे देव दुनु कर जोरवा, अरघ केरे बेरवा पूजन केरे बेरवा के यह छठ गीत से मंगलवार को सूर्योपासना का महापर्व डाला छठ पर उदयगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ 36 घंटे का व्रतियों का निर्जला उपवास समाप्त हुआ।
व्रत रखने वाली महिलाओं और पुरुषों ने नदी और जलाशयों के पानी में खड़े होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। नगर के 25 घाटों सहित जिले के 522 घाटों पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस और प्रशासनिक अमला सुबह से ही तैनात रहा। चार दिनों से चल रही सूर्य उपासना की परंपरा भक्ति, अनुशासन और उत्साह के माहौल में पूरा हुआ। तड़के से ही श्रद्धालु घाटों पर पहुंच गए थे, जहां सूर्य देव तथा छठी मइया से परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते रहे। बादल छाए रहने से भगवान सूर्य का दर्शन नहीं हो सका।
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व्रतियों ने उगते सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य दिया। अर्घ्य के बाद व्रती महिलाओं ने पारण कर व्रत का समापन किया। उन्होंने परिवार की सुख शांति और संपन्नता साथ ही पुत्र प्राप्ति की भी मन्नतें मांगीं। इस दौरान जिले के हर ताल, तलहटी, नदी, पोखरों पर पटाखे की गूंज और छठ के गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। व्रती महिलाओं के साथ आए परिजन अपना डाल उठाए घर को रवाना हुए तो कुछ ने आसपास के लोगों में प्रसाद भी बांटा। भोर में ही नदी और पोखरों के घाटों पर पूरी तरह मेले जैसा दृश्य नजर आया। प्रकाश की भी व्यवस्था की गई। खासतौर से तमसा और सरयू तट पर महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। व्रती महिलाओं ने छठ पूजा के लिए सूप और डलिया लेकर पूजा सामग्री और फल आदि सजाकर घाटों पर भोर में पहुंच गईं। नगर क्षेत्र के तमसा तट पर स्थित भीटी, हनुमानघाट, ढेकुलियाघाट, गायघाट, रामघाट, बमघाट, मड़ैयाघाट सत्तीघाट, नागा बाबा की कुटी, ब्रह्मस्थान पोखरा, शीतला माता धाम, वनदेवी धाम सहित विभिन्न घाटों पर जुटी महिलाओं ने अर्घ्यदान किया।
- दोहरीघाट में उमड़ा आस्था का सैलाब
दोहरीघाट/कुसुम्हा। आस्था का महापर्व छठ के दूसरे दिन मंगलवार को क्षेत्र के घाटों पर जगह-जगह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा। महिलाओं ने 36 घंटे के बाद प्रसाद और अन्न ग्रहण कर पारण किया। क्षेत्र के दोहरीघाट सरयू नदी, गोंठा रामशाला पोखरा, रेलवे लाइन पोखरा, फरसरा खुर्द पोखरा, फरसरा बुजुर्ग पोखरा, मादी पोखरी, कुसुम्हा सहित क्षेत्र के अन्य जगह आस्था की डुबकी से सराबोर दिखे। महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद मां छठी मइया की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की। बच्चों ने खूब पटाखे जलाए।

सपरिवार घाट पहुंचीं व्रती महिलाएं, श्रद्धालुओं पर हुई पुष्प वर्षा
फोटो।
कोपागंज। छठ पूजा मंगलवार सुबह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई। व्रती महिलाएं थाना परिसर के पीछे स्थित तालाब पर पहुंचीं और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। चार दिनों तक चलने वाले पर्व का विधिवत समापन हुआ। सुबह हल्की ठंड और मंगल संगीत के बीच महिलाएं सपरिवार गाजे-बाजे के साथ पूजा सामग्री लेकर पोखरे की ओर बढ़ीं। विभिन्न मोहल्लों और कॉलोनियों से श्रद्धालुओं की टोलियां जयघोष करते हुए घाट पर पहुंचती रहीं। जैसे ही पूरब में लालिमा बिखरी, वातावरण “ॐ सूर्याय नमः” और “जय छठी मइया” के जयघोष से गूंज उठा। नगर में जगह-जगह समाजसेवियों और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की ओर से पंडाल लगाए गए थे। श्रद्धालुओं और व्रती महिलाओं पर फूल वर्षा की गई तथा प्रसाद स्वरूप हनुमान चालीसा का वितरण हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अरशद रियाज ने कहा कि “छठ पर्व हमारी आस्था, अनुशासन और एकता का प्रतीक है। नगरवासियों ने जिस श्रद्धा से पर्व मनाया, वह अनुकरणीय है।”
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तमसा तट पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी
रतनपुरा। ब्लाॅक क्षेत्र में महापर्व छठ मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ समाप्त हो गया। सुबह अर्घ्य के समय घाटों पर रौनक रही।सुबह ही घाटों पर छठ मइया के गीत गूंजने लगे। उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा, जोड़े-जोड़े फलवा ....जैसे गीतों को गाते हुए छठ मइया एवं सूर्य देव की आराधना की। ठैचा स्थित तमसा तट पर बड़ी संख्या में व्रती महिलाओं की भीड़ जुटी रही। घाटों पर युवाओं और बच्चों में भी गजब का उत्साह देखा गया। क्षेत्र में छठ व्रतियों ने पोखरों पर जाकर अर्घ्य देने के साथ ही पूजा की। अर्घ्य के बाद घाटों पर व्रतियों व उनके परिजनों ने प्रसाद वितरित कर धार्मिक सौहार्द का परिचय दिया। लोग आकर्षक वेशभूषा में छठ के गीत गाते हुए घाट पर पहुंचे।

मुस्लिम महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पारण किया
रामपुर बेलौली। मधुबन के परशुरामपुर गांव की व्रती मुस्लिम महिलाओं ने मंगलवार को विधि विधान से लकुरा स्थित पोखरा पर बने घाट पर उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की सुख समृद्धि की मन्नत मांगी। भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर पारण की। उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न हुआ।

घाटों पर सेल्फी लेने की लगी रही होड़
इंदारा। सुबह अर्घ्य के समय घाटों पर रौनक रही। क्षेत्र में इंदारा, कसारा, महुआर, अलीनगर, शाहपुरा सहित विभिन्न जगहों के घाटों पर तड़के चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण दिखाई दी व्रतियों ने अर्घ्य देकर पूजा संपन्न की। घाटों पर स्मार्ट फोन से सेल्फी लेने की होड़ रही। क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर खुशियां मनाते हुए लोगों ने खूब सेल्फी ली। खासकर युवा वर्ग में सेल्फी लेने का उत्साह रहा। पर्व को यादगार बनाकर एक दूसरे के साथ अपनी सेल्फी लेकर उस तस्वीर को सहेजने के उद्देश्य से फोटो ली गई।
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छठ गीतों की वातावरण भक्तिमय बना रहा
चिरैयाकोट। कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में आस्था का महापर्व छठ धूमधाम से मनाया गया। मंगलवार को व्रती महिलाओं ने विधि विधान से उगते सूर्य देव को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया। दूसरे तरफ पोखरों के पास युवकों ने खूब आतिशबाजी की। क्षेत्र के खाकीबाबा की कुटी, अब्दुलखैर, थाना परिसर स्थित शिव मंदिर, सरबहना सहित विभिन्न छठ घाटों पर महिलाओं के गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
इनसेट
विभिन्न घाटों पर भक्तिभाव से मनाया गया छठ
रानीपुर। डाला छठ पर स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र के ब्राह्मणपुरा, पालीगढ़, खुरहट, अमरहट, काझा, पलिया, फतेहपुर, गोकुलपुरा, पलिगढ़, धर्मसीपुर सहित विभिन्न इलाकों में छठ पर्व धूमधाम से मनाया गया। व्रती महिलाओं ने विधि विधान से उगते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया।
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गुरादरी धाम करहां पर 42 गांवों की महिलाओं ने गाए मंगल गीत
करहां। आस्था का महापर्व छठ के दूसरे दिन मंगलवार को क्षेत्र के घाटों पर जगह-जगह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ा रहा। प्राचीन सतनामी मठ गुरादरी धाम करहां पर 42 गांवों की महिलाओं ने गाजे बाजे के साथ मंगल गीत गाए। पाताल गंगा सरोवर पर पहुंची, जहां उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। पोखरे के चारों तरफ आकर्षक लाइट लगाई गई। जगह-जगह समाजसेवियों की ओर से चाय, पानी, नाश्ते की निशुल्क व्यवस्था की गई थी। सरोवर पानी से लबालब भरा हुआ था। पोखरे की सीढ़ियों पर रस्सी व बांस के सहारे बैरिकेटिंग भी की गई थी।

सरोवरों और तालाबों पर व्रतियों ने दिया अर्घ्य
घोसी। छठ पूजा पर व्रती महिलाओं ने भगवान भास्कर को गाय के दूध से अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया। घोसी के बड़ागांव मेन रोड मां सम्मे के स्थान, बड़ागांव पूरब मुहल्ला, कैलाश मान सरोवर पोखरा, तहसील स्थित प्राचीन सीताकुंड, प्राचीन शिव मंदिर नरोखर पोखरा, मझवारा मोड़, रामघाट कादीपुर सहित वनगावा नहर, धरौली, रघौली, तिलई बुजुर्ग, हाजीपुर सहित विभिन्न गांवों में डाला छठ धूमधाम से मनाया गया।
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तमसा के तट पर उमड़े श्रद्धालु
मुहम्मदाबाद गोहना। छठ पर्व के दूसरे दिन मंगलवार को स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न बाजारों, गावोंं के जलाशयों, नदियों एवं नहरों के किनारे व्रती महिलाओं ने विधि विधान से उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। अनेक स्थानों पर मातृशक्तियों की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई थीं। भदीड़ में स्वदेश सिंह ने साड़ियों का वितरण किया। वहीं गुरादरी, शमशाबाद कुटी पर समाजसेवी विक्की वर्मा, अखंड प्रताप सिंह ने सेवा शिविर लगाया। मुहम्मदाबाद कस्बे के लोगों ने तमसा तट पर छठ उत्सव मनाया। वहीं, गुरादरी, देवलास, देवरिया खुर्द, सियाबस्ती, शमशाबाद, बरबोझी, याकूबपुर, भदीड़, कमालपुर पहाड़पुर, भांटीकला, दपेहड़ी गांव के लोगों ने परंपरागत सरोवरों पर आस्था पूर्वक छठ पूजन किया। भदीड़ गांव निवासी, जिम्स संस्थान ग्रेटर नोएडा की सीईओ स्वदेश कुमार सिंह ने महिलाओं में 240 साड़ियों का वितरण किया।
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