मऊ। ठंड के मौसम में एक बार फिर बदलाव दिखा। शनिवार की रात से ही आसमान कोहरे से पटा रहा। रविवार को लोगों की दिनचर्या पर कोहरे का भी खासा असर देखने को मिला। रविवार को लगभग सात बजे तक कोहरा छाए रहने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों को एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा था। मध्याह्न बाद भगवान भाष्कर का दर्शन हुआ तो लोगों को थोड़ी राहत मिली।
नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। शनिवार की रात से कोहरा पड़ना शुरू हो गया था। रविवार को सुबह लगभग सात बजे तक कोहरा छाया रहा। सवारी वाहन धीमी गति से हेडलाइट जलाकर चलते देखा गया। इस बीच आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। सुबह सीटेट की परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सर्द हवा चलने तथा धूप न निकलने से लोग ठिठुरते रहे। मध्याह्न बाद धूप निकली तो लोगों को राहत मिली। रविवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 76 प्रतिशत तथा 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार हवा चल रही थी। कोहरे के चलते भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों की ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत यात्रियों के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा था। भीषण ठंड के बाद भी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की जहमत तक नहीं उठाई जा सकी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार मौसम रबी फसल के लिए अनुकूल है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि गेेहूं, दलहनी, तिलहनी सहित सब्जी की फसलों के लिए अनुकूल है। धूप निकलने से फसलों का ग्रोथ बेहतर हो रहा है।