मऊ। विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत 13 नवंबर तक चलने वाले ’नागरिक सशक्तीकरण व हक हमारा भी तो है अभियान के क्रम में शुक्रवार को जिला कारागार में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह ने जेल लीगल एंड क्लीनिक का निरीक्षण किया।
सचिव ने शिविर में बताया कि इस अभियान के तहत जेल में निरुद्ध प्रत्येक बंदी से मुलाकात कर उसके प्रकरण के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर उनका डाटा बेस तैयार किया जाए। बताया कि जेल और संप्रेक्षण गृह में कानूनी सहायता के लिए यह एक विशेष अभियान व विधिक जानकारी प्रदान करना है। सचिव ने स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में जेल और संप्रेक्षण गृह में कानूनी सहायता के अभियान के बारे में बताया गया कि विचाराधीन कैदी आबादी का वह वर्ग है, जिसके मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। यह प्रक्रिया ही सजा बन जाती है। जागरूकता की कमी उनके दु:ख को बढ़ाती है।
सचिव ने बताया कि टीम का गठन किया गया है, जो जेलों और संप्रेक्षण गृहों की देखभाल के लिए दौरा करेगी और विचाराधीन कैदियों तथा कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों से बातचीत करेगी। उचित आवेदनों का मसौदा तैयार करने और दाखिल करने सहित मुफ्त कानूनी परामर्श और सहायता प्रदान करेगी।
सचिव ने बताया कि नागरिकों का सशक्तीकरण और ‘हक हमारा भी तो है’, नालसा द्वारा शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को मदद करना है, क्योंकि यह एक न्यायपूर्ण, शांतिपूर्ण और समावेशी समाज को बढ़ावा देने की उनकी क्षमता को सुगम बनाएगा। इस अवसर पर प्रभारी अधीक्षक नागेश सिंह आदि उपस्थित रहे।