जिले की दोहरीघाट नगर पंचायत में विस्तार की योजना को लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें चार गांवों को शामिल करने की योजना तैयार की गई।
नगर पंचायत के अधिकारियों का दावा है कि इसको लेकर मंजूरी मिलते ही इन गांवों को नगर पंचायत में शामिल कर इसे वार्ड में बदलने की कवायद की जाएगी। इन गांवों के नगर पंचायत में शामिल हो जाने पर ग्रामीणों को नागरिक सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी।
दोहरीघाट जनपद की सबसे पुरानी और छोटी नगर पंचायत में शामिल है। इसके लेकर सीमा विस्तार की मांग वर्षों से की जा रही है। बीते वर्ष कैबिनेट एके शर्मा की पहल पर कस्बे से सटे चार गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने के लिए प्रस्ताव एक साल पहले भेजा जा चुका है।
शासन में यह फाइल पड़ी थी लेकिन अब इसको लेकर कवायद शुरू हो चुकी है। अब सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही राजस्व गांव रामपुर धनौली, बहादुरपुर, कीर्तिपुर और लोहड़ा का नगरीय सीमा का विस्तार होगा।
नगर पंचायत में शामिल होने से इन गांवों में भी सड़क, पानी, बिजली, साफ सफाई आदि की सुविधाएं शहरी क्षेत्र के तरह मिलने के साथ ही विकास कार्यों में भी तेजी आ जाएगी। विभागीय सूत्रों की माने तो त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले विस्तार हो सकता है।
दरअसल नगर विकास विभाग पंचायतीराज विभाग से पंचायत चुनाव तक नए नगरीय निकायों के सृजन एवं सीमा विस्तार पर लगी रोक हटाने की मांग की है।
पंचायतराज विभाग ने 21 मई को इसका शासनादेश जारी किया था जिसे रोकने की मांग की गई है। इससे अटकलें लगने लगी हैं कि पंचायत चुनाव आगे टल सकता है। और उसके पहले नगर पंचायत का सीमा विस्तार होने की उम्मीद बढ़ गई है।
चार गांवों को नगर पंचायत में शामिल करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है, अब इसको लेकर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना है।
-मनोज कुमार, ईओ दोहरीघाट नगर पंचायत