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Mau News: 10 बार कहने के बाद भी नहीं बनी सड़क, कीचड़ में फंसी कार तो खाट पर लेकर पहुंचे अस्पताल

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माधोपुर दलित बस्ती में कीचड़ भरे रास्ते पर कार फसनें के बाद चारपाई पर ले जाना पड़ा बुजुर्ग को अ
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संवाद न्यूज एजेंसी
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मऊ/अमिला। बड़राव ब्लॉक के माधोपुर ग्राम पंचायत में कच्ची सड़क पर कीचड़ से बीमार बुजुर्ग को ले जा रही कार के फंसने के बाद चरपाई पर लादकर बुजुर्ग को अस्पताल ले जाया गया। इसका वीडियो रविवार को वायरल हो गया। 10 बार से ज्यादा कहने के बाद भी 300 मीटर सड़क नहीं बनी है।
दलित बस्ती को जाने वाली यह सड़क चार साल से नहीं बनी है। मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क बदहाल हो चुकी है। बारिश में सड़क से गुजरना भी मुश्किल होता है। पिछले दिनों हुई तीन दिनों की की बारिश से सड़क की हालत खराब हो गई थी। उधर, समय से अस्पताल नहीं पहुंचने के चलते बीमार बुजुर्ग की तबीयत गंभीर हो गई, परिजन उन्हें कार से अस्पताल जाने के लिए निकले, कच्ची और कीचड़युक्त सड़क में कार फंस गई। परिजन बीमार बुजुर्ग को कार से निकाल चारपाई पर लाद कर अस्पताल पहुंचे। गनीमत रही कि बुजुर्ग की जान बच गई। अब उनकी सेहत में सुधार है।
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यह ग्राम पंचायत बड़राव ब्लॉक से महज तीन किलोमीटर दूर है। इससे पहले भी बीते चार साल में दो मामलों में दो बीमार मरीजों की मौत हो चुकी है, बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी। जिला प्रशासन भी उदासीन बना हुआ है।
माधोपुर दलित बस्ती निवासी पवन कुमार ने बताया कि उसके बड़े पिता 70 वर्षीय रामवृक्ष की तबीयत शनिवार को खराब हो गई। इसके बाद पह अपनी कार से उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन कार कीचड़ में फंस गई। इसके बाद वह अन्य परिजन राहुल, अनिल, विनोद के साथ मिलकर चारपाई से तीन किमी दूर बड़राव सीएचसी पहुंचे। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गांव के पवन, चंद्रजीत, विनोद, अस्मित, नवीन, राहुल, पंकज आदि ने बताया कि महज 300 मार्ग को बनवाने की मांग को लेकर अब तक 10 बार से अधिक लिखित और मौखिक शिकायत प्रधान से लेकर बड़राव ब्लॉक के जिम्मेदारों से की जा चुकी है। बावजूद यह मार्ग अब तक नहीं बन सका। बताया कि बारिश के समय यह रास्ता बेहद खराब हो जाता है। बस्ती में बीमार लोगों को इसी जर्जर रास्ते से होकर जाना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार अब तक मौन साधे हुए हैं।
वर्जन
मनरेगा के तहत कुछ महीने पहले ही मिट्टी डालकर इसे ऊंचा कराया गया था। इस सड़क के पिच मार्ग कराए जाने को लेकर दो बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है।
धीरेंद्र कुमार राय,प्रधान प्रतिनिधि
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पहले भी आ चुके दो मामले

केस 1

अतिक्रमण के कारण घर नहीं पहुंची एंबुलेंस, बुजुर्ग की मौत

अप्रैल 2025 को परदहां के ओन्हाइच गांव में एंबुलेंस के बीमार के घर जाने में सड़क पर अतिक्रमण बाधक बना। गांव के 62 वर्षीय गुलाबचंद्र श्रीवास्तव की भोर में तबीयत खराब हो गई। बड़े बेटे दीपक श्रीवास्तव ने की सूचन पर 108 एंबुलेंस 20 मिनट बाद पहुंची। लेकिन गुलाबचंद्र के घर जाने वाले रास्ते में एबुलेंस नहीं जा सकी। एंबुलेंस वापस मुख्य मार्ग पर पहुंची। उधर, परिजन खटिया पर लेकर एक किमी दूर एंबुलेंस के पास पहुंचे। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
केस 2
जा रही एंबुलेंस बीच रास्ते में फंसी, बीमार की मौत
26 सितंबर 2023 को मधुबन तहसील के चक्कीमुसाडीह में 50 वर्षीय राजेंद्र चौहान की तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने 108 पर कॉल करके एंबुलेंस को बुलाया। सड़क खराब होने के कारण एंबुलेंस को पहुंचने में देर हो गई। इसके बाद मरीज को अस्पताल ले जाते समय भी एंबुलेंस सड़क पर बने गड्ढों में फंस गई। चालक, सहायक और परिजनों ने बहुत कोशिश की। लेकिन एंबुलेंस का निकाला नहीं जा सकी। राजेंद्र की रास्ते में ही मौत हो गई।
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गड्ढामुक्त के आदेश का नहीं हो रहा क्रियान्वयन
प्रदेश सरकार की तरफ से सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान विभागीय लापरवाही से कारगर साबित नहीं हो रहा। गड्ढे में तब्दील सड़कों पर मरम्मत कार्य अभी कागज पर ही चल रहा है। जनपद के समस्त श्रेणी की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। सड़क की कब बनेगी। अधिकारी बताने को तैयार नहीं हैं।

माधोपुर दलित बस्ती में कीचड़ भरे रास्ते पर कार फसनें के बाद चारपाई पर ले जाना पड़ा बुजुर्ग को अ

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