बढुआ गोदाम। फर्जी वैकेंसी निकालकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में दस दिन बाद भी चार नामजद आरोपियों में मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। आठ हजार से अधिक बेरोजगारों से हुई ठगी के मामले में पुलिस जांच मेंं जुटी हैै, जबकि खेल का मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी संजय यादव फरार है।
बताते चले कि बीते 28 जनवरी को सरायलंखसी पुलिस ने सैकड़ों युवाओं द्वारा कृषि एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान में नौकरी के नाम पर झांसा देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को पत्रक सौंपा था। इस मामले में पुलिस ने संस्था के संचालक सरायलंखसी थाना क्षेत्र के सरवां गांव निवासी संजय यादव और आजमगढ़ निवासी रसूल मोहम्मद, आनंद सिंह, सौरभ कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर रसूल मोहम्मद, आनंद सिंह, सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ में जुटी है। वहीं इस पूरे खेल का मास्टर माइंड संजय यादव फरार है। जांच के दौरान पता चला कि है कि फरार संजय यादव द्वारा बेहद शातिराना ढंग से अपने एनजीओ के नाम का प्रयोग करते हुए कपास मित्र और फार्म क्लीनिक इंचार्ज के लिए वेबसाइट पर दो हजार रिक्त पदों के लिए फर्जी विज्ञापन निकाला था। जिसमें इसके आवेदन की तिथि 13 मार्च से 17 अप्रैल 2023 तक दिखाई गई। इसमें पंजीकरण के लिए सोलह सौ रुपये का शुल्क भी निर्धारित कर दिया। उधर विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रदेश सभी जनपदों से करीब आठ हजार से अधिक युवकों ने आवेदन किया था। जहां एक अभ्यर्थी ने रोजगार की चाह में वेबसाइट के माध्यम से सोलह सौ रुपये शुल्क भी जमा किया था। इस तरह से यह राशि एक करोड़ से ऊपर बनती है। इतने बड़ेे मामले में दस दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर है। नगर क्षेत्राधिकारी अंजनी कुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य आरोपी संजय यादव की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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न्याय की आस में पीड़ित
बढुआगोदाम। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले सरिता, विनित, ललित, चंद्रसेन, शेर बहादुर अभी भी पुलिस से उम्मीद लगाए बैठे है कि पुलिस मामले का खुलासा करेगी और हम सभी लोगो को न्याय मिलेगा।