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जर्जर भवन में दो महिला फार्मासिस्टों के भरोसे संचालित हो रहा है जिले का एकमात्र ईएसआई अस्पताल

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नगर के ढेकुलियाघाट पर मौजूद कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय का जर्जर भवन। - फोटो : MAU
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मऊ। श्रम मंत्रालय की ओर से निजी कंपनियों, फैक्ट्रियों और कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ के लिए कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) योजना के तहत संचालित ईएसआई अस्पताल में नि:शुल्क इलाज की सुविधा है। लेकिन नगर में संचालित अस्पताल खुद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
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बीते तीन माह से यहां अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं है। ऐसे में दो महिला फार्मासिस्टों द्वारा ही कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर दवा मुहैया कराया जा रहा है। जबकि इलाज के लिए उन्हें वाराणसी या दूसरे जगहों पर रेफर कर दिया जा रहा है। ऐसे में योजना के तहत पंजीकृत पांच हजार से ज्यादा कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बताते चले कि कमचारी राज्य बीमा के तहत जिले में पांच हजार तीन सौं कर्मचारी ईएसआई योजना में पंजीकृत है। निर्भर लाभार्थियों को विभिन्न प्रकार की सुविधा मुहैया शासन द्वारा कराया जाता है। जिसमें नि.शुल्क चिकित्सा लाभ। इसके तहत ईएसआई में बीमित व्यक्ति और उस पर आश्रित पारिवारिक सदस्यों को चिकित्सा लाभ दिया नगर के ढेकुलिया घाट मंदिर में संचालित ईएसआई अस्पताल के माध्यम से मिलता है। लेकिन बीते अगस्त माह से ईएसआई अस्पताल में तैनात दोनों चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे है। ऐसे में अस्पताल आने वाले कर्मचारियों को वर्तमान में तैनात दो महिला फार्मासिस्टों द्वारा दवा तो मुहैया कराया जा रहा है, लेकिन इलाज के लिए उन्हें योजना में शामिल अस्पताल के लिए दूसरे जिलों को भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं बीते कई वर्षो से अस्पताल बेहद जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। कर्मचारियों ने जिम्मेदार विभाग के अणिकारियों का ध्यान अस्पताल की ओर खींचते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की है। इस बाबत ईएसआई के सीएमओ डॉ. राधेश्याम का कहना है कि अस्पताल की समस्या उनके संज्ञान में है। चिकित्सकों की कमी को देखते हुए वर्तमान में एक चिकित्सकको अटैच किया गया है।जल्द ही सभी समस्याओं का निस्तारण कर दिया जाएगा।
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