उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के प्रस्ताव पर सात सूत्री मांगों को लेकर जिले के अधिवक्तागण शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय और एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। इसके चलते वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन की बैठक शुक्रवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें प्रदेश बार कौंसिल के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
बैठक के बाद अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को अपनी सात सूत्री मांगों के संबंध में एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मांग की गई है कि
अधिवक्ता अधिनियम की धारा चार-बी में संशोधन कर हर वर्ष सरकार 40 करोड़ रुपये का योगदान न्यासी समिति को करे। साथ ही कल्याण निधि की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर पांच लाख किया जाय, पूर्ण कालिक सचिव की नियुक्ति की जाय आदि मांगे शामिल है।
बैठक की अध्यक्षता रामकिशोर लाल श्रीवास्तव व संचालन महामंत्री सुरेंद्र सिंह ने किया। तहसील सदर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी बार कौंसिल के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पूरे दिन कार्य से विरत रहे ।
साथ ही अपनी मांगों को पूरा करने के लिए एक ज्ञापन एसडीएम जगदंबा सिंह को सौंपा। सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने भी
बैठक कर बार कौंसिल के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। साथ ही बार के अध्यक्ष लालजी पांडेय व महामंत्री के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।