बारिश के बीच डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा होने से रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा डोमेस्टिक ब्रीडर के सहयोग से पूरे जनपद में अभियान चलाया जाएगा। जिनके सहयोग से डेंगू के सोर्स रिडक्शन की जानकारी दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि डेंगू की रोकथाम के लिए नगर पालिका, नगर पंचायत के साथ मिलकर इस अभियान को चलाया जाएगा।
डीबीसी यानि डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर(घरेलू प्रजनन जांचकर्ता) स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन दिनों डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय में 20 डीबीसी को प्रशिक्षण दिया गया है।
डीबीसी की टीमें शहर से लेकर देहात तक घर-घर दस्तक देकर छतों पर, फ्रिज, स्टोर समेत अन्य सभी स्थानों को चेक कर पता लगाएंगी कि कहीं डेंगू का लार्वा तो नहीं पनप रहा है। यदि ऐसा होता है तो उसे फौरन नष्ट किया जाएगा। गंदे पानी को भी खाली कराया जाएगा। इसके साथ ही पूर्व में जहां पर भी डेंगू के मरीज पाए गए थे, वहां पर संबंधित विभाग के सहयोग से दवा का छिड़काव के साथ अन्य प्रतिरोधात्मक कार्रवाई होगी। जिला मलेरिया अधिकारी बेदी यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से डेंगू की जांच के लिए सभी 40 पीएचसी के साथ दस पीएचसी पर किट दी गई है। किट की जांच के दौरान कोई भी मरीज पाजिटिव मिलने के बाद जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में स्थित लैब से एलाइजा की जांच कराई जाएगी। यही रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद मरीज के डेंगू की पुष्टि होगी। विभाग की तरफ से इसके लिए निजी अस्पतालों को भी निर्देश दिया गया है। विभाग का कहना है अभी तक की जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।