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Mau News: अंतिम यात्रा भी जाम में फंसी, वाहन से अर्थी उतारकर कंधे पर लेकर पैदल चले परिजन

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जाम खुलता न देख शव को वाहन से उतारकर पैदल ले जाते परिजन
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कुसुम्हा। दोहरीघाट नगर पंचायत के मुक्तिधाम घाट मार्ग पर रविवार की दोपहर भीषण जाम ने संवेदनशील स्थिति पैदा कर दी। वाहनों की लंबी कतार में अंतिम संस्कार के लिए जा रहा शव वाहन भी फंस गया। काफी देर तक रास्ता खुलने की उम्मीद न दिखी तो परिजनों को शव वाहन से अर्थी उतारकर अपने प्रियजन की अंतिम यात्रा कंधे पर लेकर पैदल ही मुक्तिधाम की ओर बढ़ना पड़ा। वहीं, जाम में फंसे चलने में असमर्थ एक दिव्यांग को एक मददगार ने अपनी पीठ पर बैठाकर जाम से बाहर निकाला। मौके के इन दृश्यों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
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मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मुक्तिधाम के मुख्य मोड़ पर एक चार पहिया वाहन खड़ा होने के बाद जाम की स्थिति बन गई। देखते ही देखते मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दो घंटे से अधिक समय तक जाम के बावजूद पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से लोग खुद ही वाहनों को इधर-उधर कर रास्ता साफ कराने में जुटे रहे।
जाम में फंसे शव वाहन को काफी देर तक रास्ता नहीं मिला। जब परिजनों को वाहन आगे बढ़ने की कोई उम्मीद नहीं दिखी तो उन्होंने शव वाहन से अर्थी नीचे उतारी। इसके बाद परिजन अर्थी को कंधे पर लेकर पैदल ही श्मशान घाट की ओर चल पड़े। अंतिम संस्कार के लिए जा रहे परिवार की यह मजबूरी देखकर मार्ग से गुजर रहे लोग भी भावुक हो उठे।
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जाम के बीच एक दिव्यांग व्यक्ति की परेशानी भी सामने आई। चलने में असमर्थ व्यक्ति के लिए वाहनों के बीच से निकलना मुश्किल हो गया। इसी दौरान एक व्यक्ति ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उसने दिव्यांग को अपनी पीठ पर बैठाया और जाम से बाहर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इस मानवीय पहल की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
स्थानीय निवासी नवल किशोर शर्मा, जयप्रकाश राय, नितिन कुमार और हरेराम विश्वकर्मा ने बताया कि मुक्तीधाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार के लिए पहुंचते हैं। उनके मुताबिक यहां करीब 40 से 45 शवों का अंतिम संस्कार होता है। इसके बावजूद घाट मार्ग पर यातायात व्यवस्था के लिए यातायात पुलिसकर्मियों की स्थायी तैनाती नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान घाट मार्ग पर जाम की समस्या नई नहीं है। वाहनों का दबाव बढ़ने, बाजार के व्यस्त समय और त्योहारों के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन से मार्ग पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि कम से कम अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील मौकों पर लोगों को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
जाम की जानकारी मिलने पर पुलिसकर्मियों को मौके पर भेजकर यातायात सुचारु कराया गया। वाहन चालकों के बेतरतीब तरीके से वाहन खड़े करने के कारण कभी-कभार जाम की स्थिति बन जाती है। रामायण सिंह, थाना प्रभारी दोहरीघाट

जाम खुलता न देख शव को वाहन से उतारकर पैदल ले जाते परिजन

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