मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने बृहस्पतिवार की देर शाम को जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नवजात शिशु के लिए एसएनसीयू वार्ड में कमियां मिलने पर सीएमएस को कड़ी फटकार लगाते हुए इस कमी को दूर करने का निर्देश दिया। मौके पर उपस्थित कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र को चलाने की भी जानकारी नहीं थी। इस पर सीएमएस को फटकार लगाते हुए व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कहा।
झांसी में मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना के मद्देनजर जिला प्रशासन के निर्देश पर अस्पतालों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने जिला महिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसएनसीयू वार्ड में अग्निशमन यंत्र निष्क्रिय पाए जाने पर उन्होंने सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई। इसके अलावा अग्निशमन यंत्र का अलार्म कनेक्शन नहीं था। अग्निशमन अधिकारी को महिला चिकित्सालय में तैनात कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिया गया। जबकि नवजात शिशुओं के एसएनसीयू वार्ड में अग्निकांड होने पर उसके तात्कालिक बचाव के लिए पाइप से फायर वायरिंग नहीं हुई थी, अग्निशमन यंत्र के क्रियाशील न होने एवं सभी कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षित न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सीएमएस को कड़ी फटकार लगाया। साथ ही सीएफओ और सीएमएस को निर्देश दिया कि अग्निशमन यंत्रों की जांच कर उन्हें क्रियाशील करने और कार्यवाही के बाद इसकी रिपोर्ट भेजें। मुख्य विकास अधिकारी ने सीएमएस को महिला चिकित्सालय में शासन के दिशा निर्देशानुसार समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिया। अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।