बारिश के बाद धान की रोपनी करती महिलाएं
मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बारिश हुई। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। पूरे दिन मौसम सुहावना रहा। मौसम में बार-बार बदलाव होने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
मौसम अनुकूल होने से धान की रोपाई का कार्य तेज हो गया है। मंगलवार को तड़के से ही आसमान में बादल छाए रहे। सुबह लगभग नौ बजे धूप न होने से मौसम सुहावना रहा। सुबह लगभग 10 बजे के बाद धूप-छांव का दौर चलता रहा।
दोपहर बाद कहीं बूंदाबांदी तो कहीं झमाझम बारिश हुई। हल्की धूप रहने से मौसम सुहावना रहा। मौसम बार-बार बदलने से लोग सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
चिकित्सकों की मानें तो कभी बारिश और कभी तेज धूप होने से मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। लोग वायरल बुखार, सर्दी और खांसी की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
इस संबंध में जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार को भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। उमस भरे मौसम में तला-भुना, अधिक मसालेदार और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। स्वच्छ भोजन करें, पर्याप्त पानी पिएं और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।