मऊ। राशनकार्ड के 77.18 फीसदी लाभार्थियों की ई-केवाईसी कर मऊ प्रदेश में 17 और आजमगढ़ मंडल में दूसरे नंबर है। हालांकि अब भी 3,79,643 लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। जबकि सरकार ने इसके लिए निर्धारित समय को तीन बार बढ़ाया है। अब ये समय सीमा बढ़ाकर मार्च तक कर दी गई है।
ई-केवाईसी की जिम्मेदारी कोटेदारों को दी गई है। माह में 10 दिन सर्वर खराब होने और मशीन पर अंगूठा नहीं लग पाने से कुछ लाभार्थी इससे वंचित रह गए हैं। लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर विभाग की विशेष की टीम इसपर काम कर रही है। इस टीम की निगरानी और ब्लाकवार समीक्षा के लिए पूर्ति निरीक्षक सौरभ सिंह को नामित किया गया है। कम ई-केवाईसी वाली दुकानों को चिह्नित किया जा रहा है, कम तरक्की होने का कारण पता चल पाएगा।
जनपद में कुल 1027 कोटे की दुकानों पर 3,24000 राशनकार्ड हैं। इसमें 56,574 अंत्योदय और 2,67,426 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। इन राशन कार्डों पर 16,60,946 लाभार्थी हैं। इनमें से 12,81,868 लाभार्थियों ने ई-केवाईसी करा ली है। जबकि अब भी 3,79,643 लाभार्थियों को कराना रह गया है। ये प्रक्रिया जून 2024 से शुरू हुई और तीन बार निर्धारित तिथि बढ़ाई गई।
पहले अंतिम तारीख सितंबर 2024 फिर 31 दिसंबर 2024 की गई। अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया गया है। कोटेदारों का कहना है कि यदि लाभार्थी ई-केवाईसी नहीं कराए तो उनका नाम सूची से काट दिया जाएगा। लेकिन विभाग के उच्चाधिकारी ने इसे नकारते हुए पात्रों की पहचान के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी है।