मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में सोमवार को आपसी भाईचारे का प्रतीक ईद का पर्व धूमधाम से मनाया गया। ईद की नमाज नगर पालिका क्षेत्र में 53 ईदगाहों और 80 मस्जिदों सहित ग्रामीण अंचलों में अकीदत के साथ अदा की गई।
नमाज में जहां एक तरफ सभी के सिर एक साथ अल्लाह की इबादत में एक साथ झुके। वहीं नमाज के बाद सभी एक दूसरे से गले लगकर ईद की मुबारकबाद देते नजर आए। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
पर्व पर मुस्लिम धर्मावलंबी सुबह ही नए कपड़े पहनकर ईद की नमाज पढ़ने के लिए ईदगाहों पर मस्जिदों की ओर निकल पड़े। ईद की नमाज नगरपालिका क्षेत्र में जामिया मिफ्ताउल ओलूम शाही कटरा, औरंगाबाद ईदगाह, ईदगाह अहले हदीस डोमनपुरा पश्चिम, ईदगाह दारुल हदीस लबे दरिया, ईदगाह अहले हदीस आलिया नगर सहित 53 ईदगाहों और 80 मस्जिदों सहित ग्रामीणांचल के ईदगाहों और मस्जिदों में अकीदत के साथ अदा की गई।
लोगों ने देश की तरक्की और खुशहाली के लिए अल्लाह से दुआ की। अलग-अलग ईदगाहों में अलग-अलग समय पर खड़ी हुई नमाज में हजारों लोगों ने एक साथ भाग लिया। इस दौरान औरंगाबाद ईदगाह पर प्रशासनिक अधिकारी के साथ अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ईद पर्व के मद्देनजर जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम करते हुए पुलिस के साथ साथ पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था।
वहीं रविवार की देर रात तक सड़कों के साथ ईदगाहों की साफ सफाई का काम चलता रहा किसी की नमाज एक ईदगाह पर छूट गई तो वह दूसरी ईदगाह पहुंचकर नमाज में शरीक हुआ। मौलानाओं का कहना था कि ईद का पर्व भाईचारगी का संदेश देता है, इस पर्व से लोगों को मिलजुलकर रहने की सीख मिलती है। लगातार एक माह तक नेकी के रास्ते पर चलकर सब्र के फल के रूप में रोजेदारों को ईद पर्व मनाने का सौभाग्य मिलता है। यह पाक माह लोगों को संदेश देता है इसी तरह से और 11 माह में संजीदगी से रहकर अल्लाह की इबादत करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने की जरूरत है।ईद के दौरान दुआख्वानी कर देश समाज और गरीबों, मरीजों की सलामती की दुुआ की गई। ईद की नमाज के बाद एक दूसरे से गले मिलकर सेवई का लुत्फ उठाया।