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चार लाख में तय की गई थी पड़ोसी की हत्या की साजिश, साजिशकर्ता सहित चार बदमाश चढ़े पुलिस के हत्थे

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पुलिस लाइन सभागार में मधुबन पुलिस और स्वाट टीम द्वारा भाड़े पर हत्या करने आए तीन बदमाशों सहित चार - फोटो : MAU
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मऊ। जिले की स्वाट टीम और मधुबन थाने की पुलिस ने संयुक्त रुप से अभियान चलाकर मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को लोकया गांव के पास से दबोचा। बदमाशों के पकड़े जाने पर हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। इस दौरान पुलिस ने साजिशकर्ता को भी गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों में एक बाराबंकी दूसरा अयोध्या और तीसरा आजमगढ़ का निवासी है जबकि साजिशकर्ता नई बस्ती दुबारी का निवासी है। पकड़े गए बदमाश दुबारी निवासी एक व्यक्ति के कहने पर उसके पड़ोसी की हत्या करने आए थे। इस कार्य के लिए साजिशकर्ता ने 75000 रुपया एडवांस भी दिया था। जबकि हत्या हो जाने के बाद और रुपए दिए जाने थे ।
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घटना का खुलासा अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवननाथ त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में किया। एएसपी ने बताया कि दुुबारी नई बस्ती निवासी सिंहासन चौहान और राज बब्बर चौहान के बीच जमीनी विवाद चलता है। डेढ़ साल पहले राज बब्बर का विवादित जमीन पर कब्जा हो गया और सिंहासन की मड़ई हटा दी गई। उसी समय से सिंहासन अपने पड़ोसी राज बब्बर को सबक सिखाने की ठान ली थी। एएसपी ने बताया कि सिंहासन ने अपने मामा के लड़के रवि शंकर चौहान से संपर्क किया और अपनी योजना के बारे में बताया। रविशंकर ने उसे अयोध्या के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के निवासी अवध नारायण सिंह, आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र के शेरजहांपुर गांव निवासी दयानंद सिंह उर्फ बबलू और सुल्तानपुर के दोस्तपुर थाना क्षेत्र के गोराई गांव निवासी राम सागर यादव से मिलवाया। सिंहासन नेे इन तीनों को राज बब्बर का घर दिखाया और उसकी पहचान करा दी। पहले बदमाशों की योजना राज बब्बर को किसी वाहन से कुचल कर मार डालने की थी लेकिन उस दिन बारिश होने से राज बब्बर घर से निकला ही नहीं इसलिए इनकी योजना फेल हो गई। उस दिन तो बदमाश लौट गए लेकिन बुधवार की रात बदमाशों ने राज बब्बर को ठिकाने लगाने की योजना बनाई लेकिन उनकी योजना की भनक पुलिस को लग गई। पुुलिस ने लोकया बंधे के पास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान बदमाश उधर से आए पुलिस के रोकने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने घेराबंदी करके अवध नारायण सिंह, दयानंद सिंह उर्फ बबलू, रवि उर्फ रविशंकर और सिंहासन चौहान को गिरफ्तार कर लिया जबकि जनार्दन उर्फ जेड़ी राम सागर यादव, इंद्रासन चौहान और मुनीब चौहान फरार हो गए। एएसपी ने बताया कि तलाशी के दौरान बदमाशों के पास से एक पिस्टल एक तमंचा कारतूस और बाइक बरामद की गई। बदमाशों को गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी राजेश प्रसाद यादव, एसओजी के अविनाश सिंह, एसओजी प्रभारी शिव नेत्र सिंह , मधुबन एसओ संजीव दुबे शामिल रहेे। पुुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक अनुराग 25000 का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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