मऊ। अगले पेराई सत्र में किसानों को केवल एसएमएस से गन्ना पर्ची मिलेगी। कागज की गन्ना पर्ची दिए जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला गन्ना अधिकारी ने किसानों से अनुरोध किया है कि वह अपने मोबाइल नंबर गन्ना समिति में पंजीकृत करा दें।
जिला गन्ना अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि कोविड-19 की महामारी व पर्यावरणीय क्षति से बचाव के मद्देनजर गन्ना विभाग की तरफ से आगामी पेराई सत्र में केवल एसएमएस से ही पर्ची जारी होगी। किसानों ने विभाग को जो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है।
यदि उसमें बदलाव होता है तो किसान पुन: अपना मोबाइल नंबर गन्ना समिति, घोसी चीनी मिल में दर्ज करा दें। इस कार्य को किसान स्वयं ईआरपी पोर्टल पर जाकर या ई-गन्ना एप पर दिए गए ऑप्शन पर जाकर भी कर सकते हैं। वर्तमान में ग्रामवार कराए जाने वाले गन्ना सर्वेक्षण के डिस्प्ले व प्रदर्शन कार्यक्रम के दौरान संबंधित गन्ना पर्यवेक्षक या चीनी मिल घोसी को नोट करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जो किसान अब तक गन्ना समिति के सदस्य नहीं है या नए सदस्य, वारिस सदस्य बनना चाहते हैं वह अनिवार्य रुप से 30 सितंबर 2020 तक गन्ना पर्यवेक्षक से संपर्क स्थापित कर गन्ना समिति के सदस्य बन जाएं। अन्यथा उनको गन्ना आपूर्ति की सुविधा प्रदान नहीं की जाएगी।