मऊ। ठंड का मौसम शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत शत प्रतिशत बच्चों को स्वेटर का वितरण नहीं हो सका है। नामित फर्म ने अब तक करीब 1.38 लाख के सापेक्ष 1.14 लाख को स्वेटर वितरित किया जा चुका है। स्वेटर प्रत्येक ब्लाक संसाधन केंद्र पर भेज तो दिया गया है। लेकिन अभी तक कई विद्यालयों पर स्वेटर नहीं भेजा जा सका है। बेसिक शिक्षा विभाग से नामित फर्म की तरफ से जूता की आपूर्ति शुरू हो गई है। तीन सदस्यीय टीम के सत्यापन के बाद बच्चों में वितरित किया जाएगा।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.49 लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। नवंबर में ठंड शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक स्वेटर का वितरण शत प्रतिशत नहीं हो सका है। विभाग की तरफ से पुरानी छात्र संख्या के आधार पर नामित फर्म को 1 लाख 38 हजार 143 स्वेटर की आपूर्ति करने का आदेश दिया है। फर्म ने अभी तक नौ ब्लाकों में 1 लाख 14 हजार 515 स्वेटर की आपूर्ति की गई है। मात्र रानीपुर ब्लाक में 14 हजार की आपूर्ति नहीं की जा सकी है।
विभाग की तरफ से 30 नवंबर तक आपूर्ति करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। प्राप्त स्वेटर को बच्चों को वितरित कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण के चलते परिषदीय विद्यालयों में लगभग 10 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ है। ऐसे में बढ़े हुए छात्रों के लिए स्वेटर की डिमांड भेजी जाएगी। मंजूरी के बाद छात्रों को वितरित किया जाएगा। विभाग की तरफ से बच्चों को जूता वितरण के लिए चरणपादुका प्रालि झज्जर हरियाणा को क्रयादेश किया गया है। जूता की आपूर्ति आने लगी है। सत्यापन के लिए जिला प्रशासन की तरफ से उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। सत्यापन के बाद बच्चों को जूता वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
इस बाबत नोडल अधिकारी और जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता वृजबिहारी पांडेय का कहना है कि फर्म ने अभी तक 87 प्रतिशत स्वेटर की आपूर्ति की है। शासन से निर्धारित समय सीमा 30 नवंबर तक स्वेटर वितरित कर दिया जाएगा। फर्म से जूता की आपूर्ति आ रही है। सत्यापन के बाद बच्चों को जूता भी वितरित कर दिया जाएगा।