जिले के सभी 44 पीएचसी पर कुत्ता काटने के दौरान पहले उपचार के लिए लगने वाला टीका उपलब्ध कराया जाएगा। शासन के निर्देश पर इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। एंटी रेबीज वैक्सीन के लिए पीएचसी पर कोल्ड चेन को मेंटेन करना जरूरी होगा।
पीएचसी पर एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) के उपलब्ध होने से जनपद के दूर दराज क्षेत्र के लोगों को कुत्ते के काटने के बाद जिला मुख्यालय के साथ सीएचसी का चक्कर नहीं लगाना होगा।
तय मानक के अनुसार पीएचसी पर एंटी रेबीज वैक्सीन के रख रखाव के लिए न्यूनतम आठ डिग्री का तापमान जरूरी है। एंटी रेबीज वैक्सीन पीएचसी में फ्रीज के अंदर रखा जाएगा। आम तौर पर कुत्ते काटने के दौरान घाव के आधार ही वैक्सीन या सीरम का प्रयोग किया जाता है।
कुत्ते के हल्का दात लगने पर एंटी रेबीज वैक्सीन को बाह में लगाया जाता है। जबकि गहरी चोट होने पर एंटी रेबीज सीरम को घाव वाली जगह पर लगाया जाता है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार सीएमओ कार्यालय स्थित कोल्ड चेन में अभी एंटी रेबीज वैक्सीन के नौ हजार वायल और एंटी रेबीज सीरम के करीब 195 वायल उपलब्ध है। एआरबी के एक वायल में पांच से दस मरीजों को और एआरएस की एक वायल का एक मरीज को उपचार के
दिसंबर से लेकर अब तक 3690 लोगों को कुत्तों ने काटा
विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद के अनेक हिस्सों में दिसंबर माह से लेकर अभी तक अनेक जानवरों के काटने के कुल 4133 मामले आए है। इसमें सड़क पर घूमने वाले कुत्ताें ने 3690 लोगों को काटा, पालतू कुत्ताें ने 256 लोगों को काटा। वही बंदरों के काटने के कुल 81 मामले सामने आए। 106 मामले ऐसे आए जहां काटने वाले जानवरों का पता ही नहीं चल सका।
पीएचसी पर कोल्ड चेन को मेंटेन करने के लिए सभी पीएचसी प्रभारी से संसाधनों के बारे में जानकारी ली जा रही है। आने वाले दिनों जल्द ही एआरवी पीएचसी पर उपलब्ध रहेगी। अभी सीएसचसी और जिला अस्पताल पर एआरवी और एआरएम उललब्ध है। - डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ