मदरसा बोर्ड की परीक्षा के दौरान मंगलवार को बोर्ड की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। कस्बे के नोमानी इंटर कालेज में दूसरी पाली की परीक्षा के लिए जब लिफाफा खोला गया तो 12 अप्रैल को होने वाली परीक्षा की बजाए 16 अप्रैल को होने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र निकला। यह देख केंद्र व्यवस्थापकों के होश उड़ गए। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बोर्ड के रजिस्ट्रार को मामले की सूचना दी।
उनके निर्देश पर 16 अप्रैल वाले लिफाफे में बंद प्रश्नपत्र खोला गया तो उसमें 12 अप्रैल वाले विषय का प्रश्नपत्र निकला। इसपर रजिस्ट्रार ने 16 अप्रैल को होने वाली कामिल अंतिम वर्ष की परीक्षा निरस्त कर दी। इस गफलत में परीक्षा दो बजे के स्थान पर डेढ़ घंटे विलंब से यानी साढ़े तीन बजे से शुरू हो सकी। 12 अप्रैल को कामिल अंतिम वर्ष की मोताला फिका इस्लामी शिया और सुन्नी विषय की परीक्षा थी।
मदरसा बोर्ड द्वारा संचालित परीक्षा में मंगलवार को कामिल अंतिम वर्ष की मोताला फिका इस्लामी शिया और सुन्नी विषय का इम्तहान दूसरी पाली में दो बजे से होना था। इस विषय के लिए कुल 1671 परीक्षार्थी कक्षों में बैठे थे। केंद्र पर जब व्यवस्थापकों ने प्रश्नपत्र का लिफाफा खोला तो उसमें से कामिल अंतिम वर्ष की मोताला उसूल फिका सुन्नी विषय का प्रश्नपत्र निकला। यह परीक्षा 16 को होने वाली है।
यह देखते ही केंद्र व्यवस्थापकों के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डा. विजय प्रताप यादव को दी। उन्होंने मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार मु. तारिक को इसकी जानकारी देकर दिशा निर्देश मांगा। रजिस्ट्रार के निर्देश पर 16 अप्रैल वाला लिफाफा खोला गया तो उसमें 12 अप्रैल वाली यानी मोताला फिका इस्लामी शिया और सुन्नी विषय का प्रश्नपत्र निकला।
रजिस्ट्रार के निर्देश पर उसी लिफाफे से मोताला फिका इस्लामी शिया और सुन्नी विषय की परीक्षा शुरू कराई गई। इस पूरे ऊहापोह में डेढ़ घंटे निकल गए। अंतत: साढ़े तीन बजे से परीक्षा शुरू हो सकी।