विधानसभा चुनाव की बिसात बिछनी शुरू हो गई। यानी टिकटों का कटने और बंटने का दौर शुरू हो गया है। मऊ विधानसभा क्षेत्र से बसपा ने अपने पूर्व घोषित प्रत्याशी भीम राजभर का टिकट काटकर मनोज राय को दिया है। मऊ से सपा तथा बसपा उम्मीदवार की घोषणा के बाद अब लोगों के जुबान पर भाजपा के उम्मीदवार को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।
पिछली बार सदर क्षेत्र से भाजपा ने अरिजीत सिंह को मैदान में उतारा था। जिन्हें करीब दस हजार वोट मिले थे। इस बार अरिजीत सिंह के साथ ही मुन्ना राजभर, बजरंगी सिंह बज्जू जो कि लखनऊ युनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं और भरत लाल राही के नामों की चर्चा है। करीब तीन लाख वोटर वाले इस विधानसभा क्षेत्र का चुनाव परिणाम काफी कुछ मुस्लिम वोटरों पर निर्भर होता है
। मऊ शहर में इनकी संख्या 55 प्रतिशत के आसपास है। इस वोट बैंक को जो अपने पक्ष में कर लेता है जीत उसकी पक्की होती है। इसका उदाहरण है कि मऊ विधानसभा क्षेत्र से पिछले तीन चुनाव से मुख्तार अंसारी विधायक होते रहे हैं। पहली बार वे बसपा से जीते थे, उसके बाद दो बार कौमी एकता दल से जीते हैं। दलित वोटों की संख्या इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 हजार है तो भूमिहार वोटर भी करीब 15 हजार के आसपास हैं।
लेकिन राजभरों का वोट जो करीब 22 हजार है वह किस ओर जाएगा, इस पर मंथन जारी है। सवर्ण और वाणिज्य वर्ग का वोट भी करीब 50 हजार है, जिस पर भाजपा अपना आधिपत्य समझती है। लेकिन पिछले कई चुनाव में यह वोट भी भाजपा के खाते से दूर ही रहा। इस बार स्थितियां थोड़ी बदली हुई हैं। क्योंकि लोगों में मोदी मैजिक की उम्मीद है।
अब भाजपा इस सीट से सवर्ण उम्मीदवार उतारती है या किसी पिछड़े वर्ग को उतारती है। हालांकि भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता का कहना है कि इस बार भाजपा जिताऊ उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी।