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टेरर फंडिंगः इंदारा रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पर नंद कुमार की थी पकड़

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इंदारा/ घोसी। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार इंदारा निवासी नंदन की स्थानीय रेलवे स्टेशन पर आरक्षण काउंटर पर अच्छी पकड़ थी। तत्काल आरक्षण खिड़की से वह हर रोज विभागीय कर्मचारियों की मदद से तत्काल टिकट निकालता था और प्रति टिकट 400 से 500 सौ अधिक लेकर बेचता था। नंदन का नेटवर्क गोरखपुर, वाराणसी से लेकर मऊ और आसपास के जिलों तक फैला है।
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इसके गैंग के लोग इंदारा रेलवे आरक्षण खिड़की पर जमे रहते हैं। 11 बजे जैसे ही बुकिंग शुरू होती है, अधिकांश टिकट नंद कुमार को ही मिलते थे। विभागीय मिली भगत से वह अपने कैफे से भी ई-टिकट निकाल लेता था। नंदकुमार तीन भाईयों में दूसरे नंबर का है। इसकी इंदारा बाजार में किराने की दुकान भी है। पिता मुन्ना गुप्ता रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं।
उधर, नदवासराय से पकड़ा गया अब्दुल रहमान उर्फ नेहाल सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार कानूनगो का बेटा है। यह 2017 में सऊदी गया था। वहां पर दो साल रहने के बाद वापस घर आ गया। उसने बाजार में ही ग्रामीण बैंक के पास कैफे खोल लिया और ई-टिकट बनाने लगा। नेहाल की मां बिलकिस बानों कहती हैं कि मेरा बेटा देश के गद्दारों के लिए कोई गलत काम नहीं कर सकता है।
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फर्जीवाड़े में पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इंदारा निवासी दीपक गुप्ता पुत्र अनिल की गिरफ्तारी फर्जी ई टिकटिंग के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। दीपक को 29 जुलाई 2019 को प्रतिबंधित साफ्टवेयर से टिकट बनाने के आरोप में पुलिस ने 18 हजार 688 रूपये के 17 ई-टिकट के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
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