मऊ-कोपागंज। जिले के दो निकायों में 33 दिनों के भीतर दो ऐसी गड़बड़ी उजागर हुई है, जो बिना भौतिक सत्यापन के विकास कार्य के प्रस्तावों की स्वीकृति की पोल खोलती है। कुरथीजाफर नगर पंचायत में वार्ड-एक में पहले ही हो चुके दो कार्यों का दोबारा 18 लाख रुपये का टेंडर निकाला गया। इसको लेकर जब एक सभासद ने शिकायत की तो जिम्मेदारों ने इसे आनन फानन में निरस्त किया। यह जिम्मेदारों की उदासीनता का पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले बीते माह में कुछ ऐसा ही मामला नगर पालिका मऊ में भी आ चुका है।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा को शिकायती पत्र में कुरथीजाफर नगर पंचायत के वार्ड 11 के सभासद चंदन दुबे ने बताया कि नगर पंचायत कुरथीजाफरपुर में विकास कार्य के नाम पर धांधली की जा रही है। आरोप लगाया कि वार्ड 1 में दो कार्य जो पहले हो चुके हैं, उसी कार्य के लिए दोबारा टेंडर जारी किया गया है। नगर पंचायत ने 2025-26 में वार्ड एक में पारा में यूनियन बैंक से काली माता चौरा तक और बांके सिंह हॉस्टल से श्रीवास्तव जी के मंदिर तक पाइप लाइन का विस्तार कार्य का टेंडर 9 लाख 61 हजार का टेंडर जारी किया गया। इसी वार्ड में 9 लाख 82 हजार की लागत से यूनियन बैंक के पूरब की तरफ रास्ते पर श्रीवास्तव जी के मंदिर से ओमप्रकाश गुप्ता, जगदीश भारती के मकान से पप्पू सिंह के मकान होते हुए कई गलियों में पाइप लाइन विस्तार का काम का टेंडर जारी किया गया है। चौंकाने वाली बात है कि जिस काम को लेकर टेंडर जारी किया गया है उसका कार्य पहले ही हो चुका है। उधर सभासद की शिकायत के बाद आनन फानन में भले ही नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने इसे निरस्त कर दिया। यह गलती उस समय हुई जब विकास कार्य का प्रस्ताव संबंधित वार्ड से आने के बाद इसकी जांच कर इसे स्वीकृति के लिए शासन के लिए भेजा जाता है। उधर नगर पंचायत के जिम्मेदार इसे केवल मानवीय भूल बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे है। उधर इसको लेकर अब पूरे जिले में निकायों में हो रहे विकास कार्य के नाम पर धांधली को लेकर चर्चा हो रही है।
शिकायत सही है, जांच के बाद टेंडर को निरस्त कर दिया गया है। यह टेंडर प्रक्रिया उनके कार्यकाल से पहले का है।
देवेश मिश्रा,ईओ
33 दिनों में दो निकायों में एक जैसी गड़बड़ी, जांच हो तो और मामले आएंगे सामने
नगर पालिका के नोटिस संख्या 91, 17 अप्रैल को 21 कामों का टेंडर जारी किया। इसमें तीन नंबर पर काम जिसमें वार्ड 30 मदनपुरा में इमामगंज मोड़ अहलेहादीस ईदगाह के सामने इंटरलाकिंग का है। इसका टेंडर 4 लाख 45 हजार जारी किया गया। वहीं खुद नगर पालिका यही कार्य 3 लाख 58 हजार की लागत से पहले ही करा चुकी है। उधर जब इस मामले को लेकर विरोध शुरू हुआ तो आनन फानन में टेंडर को निरस्त किया गया।