जिले में क्षय रोग उन्मूलन अभियान को जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। क्षय रोग की सटीक जांच के लिए महत्वपूर्ण सीबी नॉट जांच एक माह से कॉर्टेज न होने के कारण ठप है।
हालात यह है कि 30 दिन में ही 360 से अधिक मरीज बिना जांच के लौट गए है। वहीं दवाब पड़ने पर अब विभागीय अधिकारी ने ट्रूनॉट मशीन से जांच शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
बताते चले कि जिला राजकीय टीबी क्लीनिक के अलावा घोसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सीबी नॉट मशीन से टीबी मरीजों की जांच होती है। जबकि जिला अस्पताल, रतनपुरा सीएचसी, कोपागंज, दोहरीघाट, रानीपुर सीएचसी में ट्रूनाट मशीन से जांच होती है।
इसमें टीबी रोग की सटीकता का आकलन करने के लिए सीबी नॉट जांच सबसे अहम होती है। माइक्रोस्कोपी जांच सिर्फ बलगम की एक साधारण जांच है, वहीं ट्रूनॉट जांच भी सीबी नॉट जितनी सटीक नहीं होती है। जिले में सीबी नॉट जांच बीते एक माह से बंद है।
हर रोज 20 से अधिक मरीजों को सीबी नॉट जांच की आवश्यकता पड़ती है। इक्का दुक्का मरीज ही जिला अस्पताल के अलावा रानीपुर, रतनपुरा, कोपागंज, दोहरीघाट सीएचसी पहुंचकर ट्रूनाट मशीन से जांच करा रहे हैं।
अधिकारियों की सुस्ती का खामियाजा उन गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है जिन्हें मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी का खतरा है। मरीजों को सहूलियत देने के लिए शासन ने अब 15वें वित्त आयोग की धनराशि से सीएमओ को कॉर्टेज खरीदने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद अभी कॉर्टेज की खरीद नहीं हो पाई है।
बलगम की जांच और एक्सरे की सलाह दी जा रही
सीबी नॉट जांच बंद होने के बाद अब जिम्मेदार वैकल्पिक रास्तों का सुझाव दे रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर आने वाले मरीजों को केवल माइक्रोस्कोपी (बलगम की साधारण जांच), एक्सरे और ट्रूनॉट जांच कराने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार सीबी नॉट जांच जितनी सटीक होती है उतनी अन्य साधारण जांचें नहीं होतीं। ऐसे में कई बार शुरुआती टीबी पकड़ में नहीं आती जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
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जिले में पांच सेंटर पर ट्रूनाट से जांच हों रही है। राजकीय टीबी क्लीनिक और घोसी सीएचसी पर सीबी नाट से जांच की मशीन उपलब्ध है। अनेक जगहों से स्पूटम आ रहा है। अभी जांच दो शिफ्ट में हो रही है। जांच सेंटर पर सुबह आठ से दो बजे और दोपहर दो बजे से शाम आठ बजे तक जांच हो रही है। कार्टेज मिलते ही जांच होगी। -डॉ. हंसराज सोनी, जिला क्षय रोग अधिकारी
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15वें वित्त आयोग से कॉर्टेज खरीदने के कवायद शुरु किया गया है। दर तय होने के बाद कॉर्टेज खरीद ली जाएंगी। कॉर्टेज आते ही सीबी नाॅट जांच भी शुरू हो जाएगी। - डॉ. संजय गुप्ता, सीएमओ