घाघरा नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव आने से तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के तबाही मचाने की चिंता खाए जा रही है। गुरुवार को गोधनी-बीवीपुर रिंग बन्धे के नीचे बने तीन मीटर का ठोकर नदी की धारा में विलीन हो गया। इसके बावजूद शासन प्रशासन की ओर से कटान रोकने का उपाय तक नहीं किया जा सका है।
नदी के घटते बढ़ते रहने से दोहरीघाट कस्बा सहित तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढती ही जा रही है। नदी के जलस्तर का दबाव गोधनी, बीवीपुर रिंग बन्धे पर आ गया है। गुरुवार को गोधनी-बीवीपुर रिंग बन्धे के नीचे बना तीन मीटर का ठोकर नदी की धारा में विलीन होते ही तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ गई है।
कटान पीड़ितों का मानना था कि जब-जब नदी घटती बढ़ती है तब-तब तबाही मचाई है। बंधे के पास बने ठोकर नदी में विलीन होते रहे तो गोधनी गांव पूरी तरह कटान की चपेट में आ सकता है।बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इस संबंध में भाजपा किसान र्मोचा के प्रदेश सचिव ने विनय कुमार राय ने कहा कि बंधा जर्जर हाल में है। नदी का जल स्तर बढ़ा तो स्थिति भयावह हो सकती है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो गुरुवार की मध्याह्न नदी का जलस्तर 69.80 मीटर रहा।
अपराह्न जलस्तर में दो सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।नदी 69.82 मीटर पर बह रही थी। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर आंका गया है। गोधनी-बीवीपुर रिंग बन्धा तथा मुक्तिधाम के पास शमशान घाट पर कटान जारी रहने से भारत माता मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित तटवर्ती इलाकों का अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है।