माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों में अब प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विविध पाठ्य-सहगामी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों की रचनात्मक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और नेतृत्व क्षमता को भी निखारने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जिले में 17 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त और 421 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। नई कार्ययोजना के अनुसार विद्यालयों में माह के प्रथम शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें नृत्य, गीत, चित्रकला, रंगोली सहित विभिन्न गतिविधियां शामिल रहेंगी।
द्वितीय शनिवार को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की शारीरिक दक्षता और टीम भावना को बढ़ावा दिया जाएगा। तृतीय शनिवार को निबंध लेखन, भाषण, वाद-विवाद, सुलेख और अन्य साहित्यिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
चतुर्थ शनिवार को किशोर संसद, सांस्कृतिक एवं प्रतियोगात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास किया जाएगा।
अधिकारियों की मानें तो माध्यमिक शिक्षा परिषद की इस नई पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर उनके व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास को बढ़ावा देना है, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए अधिक सक्षम और आत्मविश्वासी बन सकें।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद का कहना है कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए विविध पाठ्य-सहगामी गतिविधियों के आयोजन हेतु जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर दिया गया है।