मऊ। तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने पर सदर अस्पताल में भर्ती कराए गए संदिग्ध कोरोना संक्रमित की ट्रूनॉट मशीन पर जांच रिपोर्ट संदिग्ध आने पर डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड से आजमगढ़ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया था। जहां देर शाम उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृत वृद्ध के शव को पीजीआई से लाने के लिए कोई एंबुलेंस चालक तैयार नहीं हुआ। इस पर मृत वृद्ध के पुत्र ने प्रशासन पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। जिले में 48 घंटे के अंदर ट्रूनॉट मशीन पर मृत वृद्ध के सहित दो की जांच हुई थी। दोनों की रिपोर्ट भी संदिग्ध आई थी।
मृत वृद्ध घोसी कोतवाली क्षेत्र के डाकबंगला रोड निवासी था। उसकी उम्र 62 वर्ष के करीब थी। वृद्ध बुखार और खांसी से ग्रसित था, लेकिन उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिवार के सदस्य वृद्ध को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाए। जहां डाक्टरों ने उसकी देशा देख उसे आईसोलेशन वार्ड में रखा, साथ ही उसका सैंपल जांच के लिए भेजा। ट्रू नॉट मशीन पर हुई जांच में रिपोर्ट संदिग्ध आ गई। इस दौरान डाक्टरों ने वृद्ध को उपचार के लिए आजमगढ़ जिला स्थित मिनी पीजीआई रेफर कर दिया था। जहां देर शाम उसकी मौत हो गई।
मृत वृद्ध के पुत्र ने बताया कि उसके पिता की मौत तो हो गई, लेकिन शव को घर ले जाने के लिए काई एंबुलेंस चालक तैयार नहीं हुआ। बात करने पर सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह का कहना है कि संदिग्ध व्यक्ति के आजमगढ़ रेफर होने की सूचना उन्हें है। लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत होने की सूचना अभी उन्हें नही प्राप्त हुई। सीएमओ ने बताया कि मृत वृद्ध के शव का दाह संस्कार कोरोना संक्रमण के लिए जारी गाइड लाइन के तहत की जाएगी। साथ ही परिजनों का सैंपल लेकर जांच को भेजा जाएगा।
48 घंटे में दो मरीजों की रिपोर्ट आई निगेटिव
मऊ। जिला अस्पताल में ट्रू नॉट मशीन में जांच कराने में 48 घंटे में दो लोगों की रिपोर्ट संदिग्ध मिली है। बताते चले कि बीते सोमवार को कोपागंज निवासी एक वृद्ध को सांस लेने तथा शरीर में दर्द की समस्या पर आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। मंगलवार को ट्रूनॉट में उसकी रिपोर्ट संदिग्ध मिलने पर मरीज को आजमगढ़ पीजीआई भेज दिया गया।