UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में अमित शाह ने बाहुबली और बजरंग बली से संबंधित एक बयान दिया था। इसे लेकर दाखिल वाद को खारिज कर दिया गया था। तीन साल बाद इसे स्वीकार कर लिया गया है।
Amit Shah: विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) राजीव कुमार वत्स की अदालत ने बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ दाखिल फौजदारी निगरानी वाद को स्वीकार कर लिया। इस वाद को विशेष मजिस्ट्रेट (एमपी/एमएलए) ने 18 फरवरी 2022 को खारिज कर दिया गया था जिसे विशेष न्यायाधीश की अदालत ने क्षेत्राधिकार से बाहर बताया है।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश की अदालत ने विशेष मजिस्ट्रेट (एमपी/एमएलए) के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही मामले से जुड़ी पत्रावली वापस भेज दी और मामले की सुनवाई के बाद विधि अनुसार आदेश पारित करने का निर्देश दिया। निगरानी वाद के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो फरवरी 2022 को बदायूं के सहसवान में एक जनसभा की थी।
गृहमंत्री ने कहा था कि सपा सरकार में आजम खान, मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद जैसे माफिया बाहुबली दिखते थे। प्रदेश में योगी सरकार जब से आई तब से बाहुबली नहीं बजरंगबली दिखते हैं। इससे जुड़ा वाद 18 फरवरी 2022 को खारिज कर दिया गया था जिसे अब अदालत ने स्वीकार कर लिया है।