यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए शासन ने गाइडलाइन जारी कर दी है। हाईस्कूल व इंटर के लिए बोर्ड परीक्षा केंद्र के निर्धारण की कवायद तेज हो गई है। इस बार भी छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। किसी कारण वश छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा न मिलने की स्थिति में अधिकतम पांच किमी के दायरे में बनाया जाएगा। जबकि छात्रों का अधिकतम आठ किमी के दायरे में होगा।
जिले में 14 राजकीय, 67 सहायता प्राप्त तथा 357 मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। वर्ष 2016 में आयोजित होने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए विभाग की ओर से 254 परीक्षा केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं।
यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में किसी कारणवश जिस स्कूल की छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाएगी उन विद्यालयों का सेंटर अधिकतर पांच किमी के परिधि में बनाया जाएगा। इस साल भी छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा दी जाएगी। केंद्र निर्धारण के संबंध में शासन ने गाइड लाइन जारी कर दी है।
इसके तहत शासन ने अधिकतम पांच से आठ किलोमीटर की परिधि में केंद्र बनाने का निर्देश दिया है। जबकि हाईस्कूल के छात्रों के लिए अधिकतम आठ किलोमीटर के मानक का अनुपालन किया जाएगा। गाइड लाइन के अनुसार राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को वरीयता के आधार पर केंद्र बनना है।
राजकीय तथा अनुदानित विद्यालयों में आवंटन के बाद भी यदि परीक्षार्थी शेष रहते हैं तो उन्हें बेदाग छवि वाले वित्तविहीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में आवंटित किया जा सकता है। गत वर्ष की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र निर्धारण मामले में अनियमितता बरती गई थी।
वित्तविहीन विद्यालयों का परीक्षा केंद्र सेटिंग के हिसाब से 12 से 14 किमी दूर भेज दिया गया था। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के आवंटन मामले में सहायता प्राप्त विद्यालयों में कम परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया था जबकि वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों पर अधिक परीक्षार्थियों का आवंटन किया गया था।
अधिकारियों का दावा है कि मानक के अनुरुप ही परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का आवंटन किया जाएगा। इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक डा. विनोद कुमार राय का कहना है कि इस वर्ष भी बोर्ड परीक्षा में छात्राओं को स्वकेंद्र की सुविधा होगी। छात्राओं का पांच किमी तथा छात्रों का आठ किमी के दायरे में होगा।