मऊ। मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने का परिणाम रहा कि सोमवार को लगभग सभी कार्यालयों में काम प्रभावित रहा। इस दौरान जनरेटर तो चलाया गया, उसके बाद भी काम प्रभावित रहा। इसके अलावा जिले के लघु एवं कुटीर उद्योग भी सोमवार को पूरे दिन ठप पड़े रहे। आपूर्ति ठप होने से शहरी क्षेत्र में कई हिस्सों में पेयजल की समस्या हो गई। इस दौरान अधिकांश घरों में इनवर्टर भी जबाब दे गया था। देर शाम साढे़ छह बजे तक बिजली आपूर्ति की बहाली नहीं हुई थी।
निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों के आंदोलित होने का परिणाम रहा कि सोमवार को जिले के 55 से ज्यादा उपकेंद्रों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई। शुरुआत में किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। लेकिन दो-तीन घंटे बाद बिजली न आने से लोगों की दिक्कतें शुरू हो गई। इस दौरान उपभोक्ता बिजली कब तक आएंगी, इसकी इनक्वारी फोन करते दिखे। दोपहर बाद सरकारी कार्यालयों में भी बिजली के न रहने से असर दिखा। इनवर्टर बंद होने पर सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज ठप पड़ा गया। इसके अलावा कई मुहल्लों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई।