मऊ। महाकुंभ को लेकर परिवहन निगम की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। मऊ, दोहरीघाट, घोसी और मधुबन रोडवेज बस स्टेशन पर श्रद्धालुओं के लिए अलग से सहायता केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि उन्हें हर संभव मदद मिल सके। साथ ही बस स्टेशन परिसर में लगे डिस्प्ले पर बसों के आने जाने की जानकारी मिलेगी।
महाकुंभ में जाने वाली रोडवेज बसों पर 10 जनवरी से विशेष स्टीकर लगाया जाएगा, ताकि ये बसें अन्य रूटों पर चलने वाली बसों से अलग दिखेंगी और यात्री आसानी से पहचान कर सकेंगे। मऊ और दोहरीघाट डिपो की 63 बसें (मऊ डिपो-37, दोहरीघाट की-26) 10 जनवरी से महाकुंभ के लिए रवाना होंगी। नवंबर से ही इन बसों का रंग रोगन शुरू हो गया था। ये बसें 26 फरवरी तक महाकुंभ के लिए प्रयागराज रूट पर चलेंगी। इन बसों की पहचान के लिए अलग स्टीकर लगाने के साथ ही भक्ति गाने बजेंगे। ठंड बढ़ने के चलते यात्रियों की कमी से मऊ डिपो का राजस्व घट गया है। एक जनवरी से पहले 64 बसों की कमाई आठ लाख रुपये थी, लेकिन अब छह लाख रुपये हो गई है। महाकुंभ शुरू होते ही राजस्व बढ़ेगा। इस संबंध में एआरएम हरिशंकर पांडेय ने बताया कि महाकुंभ जाने वाली बसों की जानकारी देने और यात्रियों की सहायता के लिए बस स्टेशन पर सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वोे अपनी टीम के साथ बस स्टेशन पर राउंड ओ क्लॉक भ्रमण करते रहेंगे। एलईडी पर अलग अलग रूटों पर चलने वाली बसों की जानकारी मिलेगी।