समृद्ध इतिहास और पौराणिकता समेटे जनपद का स्थापना दिवस 19 नवंबर को मनाया जाएगा। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास मद से 3.75 करोड़ रुपए की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसके चलते पर्यटकों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष में ही छह माह में करीब चार लाख पर्यटक मऊ आ चुके हैं। पर्यटक आगमन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, बल्कि रोजगार के भी नए रास्ते खुले हैं।
बताते चले कि जनपद से रामायण और महाभारत कालीन स्मृतियां जुड़ी हैं, वहीं अभिलेखीय इतिहास लगभग 1,500 वर्ष पुराना है। कभी घने जंगलों में निवास करने वाले नट समुदाय के प्रभाव क्षेत्र के रूप में विकसित मऊ ने समय के अनगिनत परिवर्तन देखे हैं।
19 नवंबर को मऊ जिला अपनी स्थापना का उत्सव मनाएगा। जनपद के पर्यटन समृद्धि के मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास मद से 3.75 करोड़ रुपये की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।
इनमें मधुबन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा बेलौली स्थित लक्ष्मण मंदिर के पर्यटन विकास पर एक करोड़ रुपया, मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र के देवलास के लिए एक करोड़ रुपये, घोसी विधानसभा क्षेत्र स्थित नगर पंचायत घोसी स्थित सीता कुंड स्थल के पर्यटन विकास पर 75 लाख रुपया और ग्राम सभा पिढवल स्थित शिव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किया गया है।
जनपद में रेल, सड़क की बेहतर कनेक्टिविटी ने जिले में पर्यटन विकास को नया आयाम दिया है। इसका सकारात्मक परिणाम पर्यटकों की बढ़ती संख्या के रूप में देखा जा सकता हैं। वर्ष 2024 में मऊ आने वाले पर्यटकों की संख्या छह लाख 87 हजार 193 रही थी। वर्ष 2025 के जनवरी से जून तक पर्यटक संख्या तीन लाख 90 हजार 933 रही।ऐसे में यह संख्या इस बार आठ लाख तक पहुंचने की संभावना है।
मऊ को बनाएंगे विशिष्ट पर्यटन केंद्र : जयवीर सिंह
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मऊ केवल पूर्वांचल का एक जिला नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की पुरातन सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत अध्याय है। रामायण युगीन मान्यताओं से लेकर मौर्य और गुप्त कालीन विरासत तक, यह भूमि अपने भीतर अनगिनत कथाएं समेटे हुए है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वीकृत नई पर्यटन परियोजनाएं न सिर्फ इन धरोहरों को संरक्षित करेंगी बल्कि मऊ को एक समृद्ध, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी। हमारा लक्ष्य है कि मऊ की पहचान देश-विदेश के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक उज्ज्वल होकर उभरे।