अमर उजाला ब्यूरो
मऊ।
बुधवार को चंद्रग्रहण लगने के चलते नगर सहित जिले के मंदिरों के कपाट लगभग एक घंटे पहले ही बंद कर दिए गए। ग्रहण के दौरान लोगों ने निवाला ग्रहण करने से भी दूरी ही दिखाई। चंद्रग्रहण हटने के बाद मंदिरों के कपाट खोले गए। लोगों ने स्नान कर विधि विधान से पूजन अर्चन किया। कई जगहों पर सुंदरकांड का पाठ किया गया।
जिले में चंद्रग्रहण बुधवार की शाम 5.18 बजे ग्रहण लग गया। चंद्रग्रहण लगने के लगभग एक घंटे पूर्व ही नगर के माता पोखरा स्थित शीतला माता मंदिर, आजमगढ़ मोड़ समीप स्थित दुर्गा मंदिर, मठिया टोला शिवाला, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित और रोडवेज स्थित मंदिर, सहित जिले के कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों की साफ सफाई कर कपाट बंद कर दिए गए।
इस बीच ग्रहण के दौरान जिले के कई स्थानों पर लोगों ने एकत्र होकर सुंदरकांड पाठ सहित मंत्र सिद्धि किया। कुछ लोगों ने ग्रहण लगने के पहले ही भोजन कर लिया तो कुछ लोगों ने मोक्ष के बाद स्नान कर मंदिरों में विधि विधान से पूजन अर्चन किया।दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार चंदग्रहण खत्म होने के बाद क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से आए श्रद्धालुओं ने सरयू नदी के रामघाट पर डूबकी लगाया। साथ ही घाट के मंदिरों में विधि विधान से पूजन अर्चन किया। बढ़ुआगोदाम संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के डुमरांव गांव मेें ग्रहण के दौरान पंडित मुन्ना पांडेय के नेतृत्व में लोगों ने एकत्र होकर सुंदरकांड का पाठ किया। अशोक कुमार पांडेय, अजय, राजेश, ज्वाला प्रसाद, श्वेता पांडेय, गीता, अनामिका, मालती आदि शामिल रहे।