वहीं बड़राव सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि जांच की गई है और पंजीयन कराने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। नियमानुसार बिना पंजीयन के अस्पताल सीज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होता, नोटिस देकर समय दिया गया है।
किसने क्या कहा
- मंगलवार को मीटिंग और तमाम दूसरे विभागीय कार्य होने के चलते कार्रवाई नहीं की गई है। टीम गठित कर दी गई है। इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। -डॉ. पंकज कुमार, सीएमओ
- बड़े मामले को एक्सपोज किया गया है लेकिन इस मामला उजागर होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना स्वास्थ्य विभागीय के कार्यशैली पर सवाल उठाता है। -कृष्णा खंडेलवाल समाजसेवी
- मेडिकल हॉल के आड़ में संचालित इन अस्पतालों पर हो कार्रवाई जिले में मेडिकल हॉल के आड़ में संचालित अस्पतालों को लेकर विभाग शुरू से कटघरे में है, लेकिन जब कोई जनहित में इस मामले को उजागर करता है तो उसके बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी बड़ी सवालिया निशान उठाती है। -अरविंद मूर्ति आरटीआई कार्यकर्ता
- जनहित में ऐसे मामले सामने आने पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बढ़ती शिक्षा के इस दौर में जागरूकता के बाद भी ऐसे जगहों पर लोगों के पहुंचना भी काफी हद तक गलत है। -डॉ. संजय सिंह अध्यक्ष
- कोपागंज में अवैध अस्पतालों को लेकर केवल कागजी कार्रवाई होती है। यह जनहित में इस मामले को उजागर होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को बढ़-चढ़ कर खुद कार्रवाई करने की जरूरत थी। -देवप्रकाश राय किसान नेता