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मऊ में गर्भपात का धंधा: किसी ने बोर्ड हटाया, कहीं बंद मिला अस्पताल... स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की जांच

Wed, 24 Jun 2026 12:44 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

मऊ जिले में गर्भपात के धंधे का खुलासा होने के बाद किसी ने बोर्ड हटाया तो कहीं अस्पताल बंद मिला। उधर, अमिला में प्रतिमा सेवा सदन खुला मिला, लेकिन दिनभर मरीज नहीं पहुंचे। 
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बंद जनसेवा सदन क्लीनिक और अमिला में खुला प्रतिमा अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मऊ जिले में गर्भपात का धंधा और अवैध क्लीनिक सीएचसी और पीएचसी के आसपास फल-फूल रहे हैं। इसका खुलासा संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने शुक्रवार से रविवार तक जिले के पांच जगहों पर स्टिंग कर किया। खुलासे के बाद भी जिम्मेदारों ने कार्रवाई नहीं की। वहीं बड़राव सीएचसी प्रभारी ने जांच का दावा किया, लेकिन बिना पंजीयन के बावजूद नियमों को ताक पर रखकर सात दिन का समय देते हुए पंजीकरण कराने के संबंध में नोटिस देकर औपचारिकता पूरी कर दी।
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उधर, मंगलवार को इस मामले के उजागर होने के बाद टीम ने एक बार फिर पड़ताल कर इन अस्पतालों की स्थिति का जायजा लिया। मादी में रीता क्लीनिक के संचालक का बोर्ड हटा हुआ मिला, जबकि नीचे बेसमेंट में संचालित अस्पताल बंद मिला और दूसरे तल पर केवल मेडिकल स्टोर खुला पाया गया।

अमिला में प्रतिमा सेवा सदन खुला मिला, लेकिन दिनभर मरीज नहीं पहुंचे। थानीदास में आनंद पैथोलॉजी बंद मिली, जबकि कोपागंज में कृष्णा अस्पताल खुला मिला और बिना बोर्ड के संचालित क्लीनिक पर ताला लगा मिला। इन संचालकों को आशंका थी कि स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्रवाई के लिए पहुंचेगी, लेकिन मामले के खुलासे के बाद भी जिला मुख्यालय से दूर स्थानीय सीएचसी की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
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मंगलवार को स्टिंग ऑपरेशन के तहत कोपागंज, अमिला, मादी सिपाह, थानादास और पुराघाट क्षेत्र में मेडिकल स्टोर की आड़ में गर्भपात के धंधे को उजागर किया गया था। मामले के उजागर होने के बाद सोशल मीडिया पर कार्रवाई न होने को लेकर लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में कोपागंज सीएचसी प्रभारी डॉ. इरशाद अहमद ने बताया कि मामला संज्ञान में है, टीम मीटिंग में थी, जल्द कार्रवाई की जाएगी।
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सीएचसी प्रभारी बोले

वहीं बड़राव सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि जांच की गई है और पंजीयन कराने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। नियमानुसार बिना पंजीयन के अस्पताल सीज होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होता, नोटिस देकर समय दिया गया है।
 
किसने क्या कहा
  • मंगलवार को मीटिंग और तमाम दूसरे विभागीय कार्य होने के चलते कार्रवाई नहीं की गई है। टीम गठित कर दी गई है। इनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। -डॉ. पंकज कुमार, सीएमओ
  •  बड़े मामले को एक्सपोज किया गया है लेकिन इस मामला उजागर होने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना स्वास्थ्य विभागीय के कार्यशैली पर सवाल उठाता है। -कृष्णा खंडेलवाल समाजसेवी
  • मेडिकल हॉल के आड़ में संचालित इन अस्पतालों पर हो कार्रवाई जिले में मेडिकल हॉल के आड़ में संचालित अस्पतालों को लेकर विभाग शुरू से कटघरे में है, लेकिन जब कोई जनहित में इस मामले को उजागर करता है तो उसके बाद भी जिम्मेदारों की चुप्पी बड़ी सवालिया निशान उठाती है। -अरविंद मूर्ति आरटीआई कार्यकर्ता
  • जनहित में ऐसे मामले सामने आने पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही बढ़ती शिक्षा के इस दौर में जागरूकता के बाद भी ऐसे जगहों पर लोगों के पहुंचना भी काफी हद तक गलत है। -डॉ. संजय सिंह अध्यक्ष
  • कोपागंज में अवैध अस्पतालों को लेकर केवल कागजी कार्रवाई होती है। यह जनहित में इस मामले को उजागर होने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को बढ़-चढ़ कर खुद कार्रवाई करने की जरूरत थी। -देवप्रकाश राय किसान नेता
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