घोसी नगर में नगर पंचायत की ओर से राहगीरों एवं नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए सभी वाटर कूलर खराब पड़े हैं। सात लाख रुपये की लागत से लगाए गए छह नए वाटर कूलर भी बंद पड़े हैं। यह कुछ दिन ही चल सके।
इसे लेकर नागरिकों के साथ ही नगर पंचायत के सभासदों में काफी रोष है। मई 2025 में जब सभासदों ने हंगामा किया था, तब केवल नगर पंचायत कार्यालय परिसर में लगे वाटर कूलर की मरम्मत हो सकी थी। अन्य वाटर कूलरों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विभिन्न स्थानों पर कुल 22 वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें बस स्टेशन, तहसील घोसी, कोतवाली घोसी, रेलवे स्टेशन, सीताकुंड, मझवारा मोड़, नगर पंचायत कार्यालय, ब्लॉक के समीप, एलआईसी कार्यालय के समीप, कादीपुर, करिमुद्दीनपुर आदि प्रमुख स्थान शामिल हैं।
सभी वाटर कूलर खराब पड़े हैं। गर्मी में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक लोग तहसील के कार्य से यहां आते हैं। ऐसे में लोगों को महंगे दामों पर दुकानों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यही स्थिति थाने परिसर में लगे वाटर कूलर की भी है, जो कई वर्षों से खराब पड़ा है।
घोसी तहसील परिसर में दो वाटर कूलर लगे हैं। दोनों ही खराब हैं। एक वाटर कूलर पर कुछ लोगों ने कब्जा कर उसमें कुर्सी-मेज आदि सामान रख दिया है। सीताकुंड, बस स्टेशन, ब्लॉक कार्यालय के समीप, एलआईसी कार्यालय के समीप, कादीपुर, करिमुद्दीनपुर और मदापुर समसपुर में लगे वाटर कूलरों के फ्रीजर, स्टेबलाइजर, मोटर और बिजली बोर्ड आदि गायब हो गए हैं।
रविंद्र उपाध्याय, नागेंद्र उर्फ जीतू मद्देशिया एवं मुहम्मद आकिब सिद्दीकी ने नगर पंचायत घोसी के कर्मचारियों से वाटर कूलरों को ठीक कराने की शिकायत की, लेकिन कोई उचित कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि जांच कर खराब वाटर कूलरों की मरम्मत कराई जाएगी और राहगीरों व नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।